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कॉल पर ‘तू मर जा’ कहकर उकसाया, फिर वॉयस क्लिप भेजकर डराया... डॉ. गौरी पालवे आत्महत्या केस में SIT की चार्जशीट से बड़ा खुलासा

SIT की चार्जशीट में खुलासा हुआ कि अनंत गजरे ने पत्नी डॉ. गौरी पालवे को फोन कॉल में ‘तू मर जा’ कहकर उकसाया और बाद में वही रिकॉर्डिंग भेजकर मानसिक दबाव बनाया. 17 वॉयस मैसेजों में प्रताड़ना के सबूत मिले.

कॉल पर ‘तू मर जा’ कहकर उकसाया, फिर वॉयस क्लिप भेजकर डराया... डॉ. गौरी पालवे आत्महत्या केस में SIT की चार्जशीट से बड़ा खुलासा
  • महाराष्ट्र के डॉ. गौरी पालवे आत्महत्या मामले में पति अनंत गजरे ने मानसिक प्रताड़ना और धमकियां दीं.
  • 22 नवंबर 2025 को अनंत ने फोन पर गाली-गलौज और आत्महत्या की बातें की, वॉयस रिकॉर्डिंग भी भेजी.
  • डॉ. गौरी ने 17 वॉयस मैसेज में धमकियों और बदनामी की आशंका जताई, जिससे मानसिक स्थिति खराब हुई.
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महाराष्ट्र के चर्चित डॉ. गौरी पालवे आत्महत्या मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने चार्जशीट के जरिए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. चार्जशीट के अनुसार, पंकजा मुंडे के पीए अनंत गजरे ने अपनी पत्नी डॉ. गौरी को न सिर्फ गालियां दीं, बल्कि फोन पर लगातार उकसाते हुए कहा- 'तू मर जा'.

22 नवंबर 2025 की कॉल: झगड़ा, गालियां और आत्महत्या की चर्चा

चार्जशीट का कहना है कि 22 नवंबर की रात दोनों के बीच फोन पर काफी तीखी बहस हुई. कॉल के दौरान आत्महत्या तक की बात की गई. अनंत ने इस बातचीत की वॉयस रिकॉर्डिंग भी की और बाद में वही क्लिप गौरी के मोबाइल पर भेज दी. SIT के अनुसार यह कदम सोच-समझकर गौरी को डराने और मानसिक दबाव बढ़ाने के लिए उठाया गया.

17 वॉयस मैसेज- सबसे अहम सबूत

SIT ने मामले में 17 वॉयस मैसेज को सबसे महत्वपूर्ण सबूत माना है. ये मैसेज डॉ. गौरी ने अपनी एक करीबी दोस्त को भेजे थे, जिनमें उन्होंने, पति द्वारा दी जा रही धमकियों, बदनामी की धमकियों और मानसिक प्रताड़ना का विस्तार से ज़िक्र किया है. गौरी ने कहा था कि अनंत उसे धमकाता था कि वह रिकॉर्डिंग वायरल कर देगा, जिससे उसकी प्रतिष्ठा खत्म हो जाएगी. यह डर लगातार उसकी मानसिक स्थिति को कमजोर करता रहा.

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SIT का निष्कर्ष: 'लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न'

चार्जशीट के अनुसार अनंत गजरे का व्यवहार बार-बार मानसिक प्रताड़ना और डराने-धमकाने का था. यह केवल गुस्से का क्षणिक परिणाम नहीं बल्कि लगातार जारी उत्पीड़न था, जिसने गौरी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया. साथ ही, SIT का यह भी कहना है कि अनंत ने अपनी जिंदगी से जुड़े कई बड़े तथ्य गौरी से छुपाए थे, जो वैवाहिक भरोसे के खिलाफ था और तनाव की जड़ बना.

अनंत के भाई-बहन को क्लीन चिट

पहले इस केस में अनंत के भाई अजय गजरे और बहन शीतल गजरे आंधळे का नाम भी सामने आया था. लेकिन SIT ने सबूत न मिलने पर दोनों को क्लीन चिट दे दी. चार्जशीट केवल अनंत गजरे (32) के खिलाफ दाखिल की गई है.

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पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच क्या कहती है?

बता दें कि शुरुआत में यह केस आकस्मिक मृत्यु (ADR) के रूप में दर्ज हुआ था. दो सरकारी मजिस्ट्रेटों की मौजूदगी में पंचनामा हुआ. नायर अस्पताल में किए गए पोस्टमार्टम में मौत का कारण गले पर दबाव (लिगेचर कंप्रेशन) बताया गया. इसे अप्राकृतिक मृत्यु माना गया है.

फॉरेंसिक टीम ने घर से बिस्तर, तकिए के कवर, कंबल, बालों के सैंपल और धूल के नमूने जब्त किए. सभी नमूने लैब में भेजे गए हैं.

चार्जशीट में क्या है खास?

SIT का कहना है कि मौजूद गवाह, तकनीकी सबूत, वॉयस रिकॉर्डिंग यह साबित करते हैं कि अनंत गजरे की हरकतें जानबूझकर, उकसाने वाली और मानसिक यातना देने वाली थीं. चार्जशीट में कहा गया है कि यही मनोवैज्ञानिक डर और बदनामी का भय डॉ. गौरी को आत्महत्या के कगार पर ले गया.

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