- महाराष्ट्र सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए अनिवार्य हिंदी भाषा परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया है.
- मंत्री उदय सामंत ने बताया कि हिंदी परीक्षा रोकने का फैसला विभागीय सचिव से जानकारी मिलने के बाद लिया गया.
- महाराष्ट्र नागरिक सेवा (हिंदी भाषा परीक्षा) नियम 1976 के तहत हिंदी ज्ञान अनिवार्य था.
महाराष्ट्र में हिंदी विरोध के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. दरअसल, महाराष्ट्र की भाजपा नीत महायुति गठबंधन की सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए सालों से चली आ रही हिंदी परीक्षा पर लोग लगा दी है. यानी अब सरकारी कर्मचारियों के लिए हिंदी जनना अनिवार्य नहीं होगा. इसकी घोषणा करते हुए सूबे के कैबिनेट मंत्री उदय सामंत ने ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आयोजित होने वाली 'हिंदी भाषा परीक्षा' पर फिलहाल रोक लगा दी है.
उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों को अब हिंदी भाषा की परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि ये परीक्षा फिलहाल स्थगित कर दी गई है. उन्होंने कहा कि पत्रकार परिषद के बाद विभाग के सचिव से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर यह निर्णय लिया गया है. महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री उदय सामंत ने कहा कि 1976 के नियमों की प्रासंगिकता की अब 2026 के संदर्भ में जांच की जाएगी.
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क्या है 1976 के नियम?
दरअसल, महाराष्ट्र नागरिक सेवा (हिंदी भाषा परीक्षा) नियम, 1976' के मुताबिक राज्य सरकार के हर राजपत्रित और अराजपत्रित कर्मचारी के लिए हिंदी का ज्ञान होना अनिवार्य था. ऐसे में जिन कर्मचारियों ने अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान 10वीं में हिंदी विषय नहीं पढ़ा था, उन्हें सरकारी सेवा में आने के बाद एक निश्चित समय सीमा के भीतर हिंदी भाषा परीक्षा पास करनी पड़ती थी. परीक्षा पास न करने पर वेतन वृद्धि (Increment) रोकने या पदोन्नति (Promotion) में बाधा आने जैसे प्रावधान थे.
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गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हिंदी का विरोध कोई नहीं बात नहीं है. दरअसल, महाराष्ट्र में मराठी अस्मिता और स्थानीय पहचान के नाम पर समय-समय पर हिंदी को लेकर विवाद खड़े होते रहे हैं. अभी हाल ही में जून 2025 में सरकार की ओर से स्कूलों में कक्षा 1 से हिंदी अनिवार्य करने के फैसले का शिवसेना (UBT) और एमएनएस (MNS) ने जमकर विरोध किया गया था. इन पार्टियों की ओर से इसे 'मराठी भाषा पर हमला' करार दिया गया था. इस विरोध के बाद सरकार को यह आदेश वापस लेना पड़ा था. लेकिन, अब खुद भाजपा नीत महायुति गठबंधन की फडणवीस सरकार में सरकारी कर्मचारियों की हिंदी परीक्षा पर रोक लगा दी गई है.
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