- महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने खाने के तेल में मिलावट करने वाले कारोबारियों को निशाने पर लिया है
- तुकाराम मुंडे ने सुरक्षित भोजन सुरक्षित महाराष्ट्र अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प जाहिर किया है
- FSSAI द्वारा निर्धारित खाने के तेल की बिक्री और उपयोग के नियमों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है
IAS Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र कैडर के फायरब्रांड आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने अपना अगला टारगेट सेट कर लिया है. अब उनके निशाने पर खाने के तेल में मिलावट करने वाले कारोबारी हैं. यह जानकारी उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दी. तंबाकू विज्ञापन से जुड़े मामले में FDA ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नेटिस भेजा था, जिस पर FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा कि 'शाहरुख, अजय, टाइगर के जवाब का इंतजार है. जवाब आने के बाद ही कोई एक्शन लिया जाएगा.
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 'सुरक्षित भोजन, सुरक्षित महाराष्ट्र' अभियान को आगे बढ़ाना है. इसके साथ ही अब हमारा अगला फोकस 'खाने का तेल' होगा. FSSAI ने खाने के तेल की बिक्री और इस्तेमाल के लिए नियम तय किए हैं, लेकिन हमने देखा है कि इन नियमों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है.
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि खाने का तेल प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. उन्होंने बिना जानकारी वाले और खुले तेल की बिक्री, पुराने टिनों के अवैध पुनर्चक्रण, टैंकरों की अनियमितता, खाद्य तेल के बार-बार इस्तेमाल और भ्रामक विज्ञापनों पर सख्त चिंता जताई.

खुला तेल और टिन का दोबारा इस्तेमाल
मुंढे ने कहा, "खुले तेल की बिक्री या ऐसे तेल, जिनमें यह जानकारी नहीं होती कि वे कहां और कब बने हैं, बड़ी समस्या हैं. ऐसे में अगर फूड पॉइजनिंग होती है, तो हमारे लिए कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है." उन्होंने आगे बताया कि मैन्युफैक्चरर्स खाने के तेल की पैकेजिंग के लिए पुराने टिन का दोबारा इस्तेमाल करते हैं, जिसकी कानूनन इजाज़त नहीं है. खाने के तेल का बार-बार इस्तेमाल करना सबसे खतरनाक साबित हो रहा है.
क्रूड ऑयल टैंकरों का इस्तेमाल और विज्ञापनों पर सख्ती
प्रशासन की जांच में सामने आई गंभीर खामियों का जिक्र करते हुए मुंढे ने कहा, "हमने यह भी पाया है कि जिन टैंकरों का इस्तेमाल क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) ढोने के लिए किया जाता था, उन्हीं का इस्तेमाल खाने का तेल ढोने के लिए भी किया जा रहा था. कानूनी कार्रवाइयों और सितारों को दिए गए नोटिस पर उन्होंने स्पष्ट किया, "गुरु नानक डेयरी मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश देख लिया है और हम अपने कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, हम इस मामले में कोर्ट का रुख करेंगे.
अभिनेताओं के जवाब का इंतजार
हमें अभी तक उनकी (शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ) तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है. हमने उन्हें जवाब देने के लिए समय दिया है, जवाब आने दीजिए; उसके बाद हम कार्रवाई करेंगे." इसके अलावा उन्होंने जोड़ा कि खाने का तेल बनाने वाली कंपनियां मनमाने इंग्रीडिएंट्स (जैसे x, y, z विटामिन या मिनरल) का दावा नहीं कर सकतीं. यदि वे विज्ञापन नियमों का उल्लंघन करती हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

बड़े होटलों का फर्जीवाड़ा और यूज्ड ऑयल का अवैध बाजार
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री पर सवाल उठाते हुए मुंढे ने कहा, "मैं महाराष्ट्र के कुछ बड़े होटलों का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन यह गंभीर चिंता का विषय है कि वे अधिकृत बायो-डीजल या निस्तारण कंपनियों को सिर्फ 200 लीटर इस्तेमाल किया हुआ तेल ही दे रहे हैं, जबकि उनकी वास्तविक खपत 1000 लीटर की है."
उन्होंने बताया कि खाने के तेल को तलने के लिए कितनी बार दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, इसे लेकर स्पष्ट नियम हैं. नियम के अनुसार, इस्तेमाल के बाद यह तेल दूसरी औद्योगिक कंपनियों को दिया जाना चाहिए ताकि वे इसका इस्तेमाल अन्य गैर-खाद्य कामों में कर सकें; इसे इंसानों के खाने के लिए बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
मुंढे ने चेतावनी देते हुए कहा, "लेकिन हमारे ध्यान में यह बात आई है कि यह तेल इन अधिकृत कंपनियों को नहीं बेचा जा रहा है, बल्कि अलग पैकेजिंग के साथ दोबारा बाजार में बेचा जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है. हमने इन बायो-डीजल कंपनियों के साथ एक मीटिंग भी की, जिसमें उन्होंने बताया कि हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में तेल की जितनी खपत है, उसके मुकाबले उन्हें वह इस्तेमाल किया हुआ तेल मिल ही नहीं रहा है."
IAS तुकाराम मुंढे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस क्या कहा? जानिए खास बातें
- महाराष्ट्र में खाने के तेल में मिलावट की तो खैर नहीं, दोषियों को उम्रकैद होगी और 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगेगा.
- “सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र” अभियान के तहत महाराष्ट्र FDA का अगला सबसे बड़ा फोकस 'खाने का तेल' एडिबल ऑयल.
- कच्चे तेल क्रूड ऑयल ढोने वाले टैंकरों में किया जा रहा था 'खाने के तेल' का ट्रांसपोर्ट.
- पैकिंग के लिए पुराने टिन के डब्बों का रीयूज और एक ही तेल को बार-बार गर्म करना सबसे खतरनाक.
- खराब तेल से कैंसर और हार्ट अटैक का सीधा खतरा, बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता पर भी पड़ रहा बुरा असर.
- खुला तेल बिल्कुल न खरीदें, पैकेट का बैच और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें.

IAS तुकाराम मुंढे कौन हैं?
आईएएस तुकाराम मुंढे भारतीय प्रशासनिक सेवा के सबसे चर्चित और सबसे ज्यादा तबादला झेलने वाले अफसरों में से एक हैं. साल 2005 बैच के आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे अपने 21 साल के सर्विस में 25 बार तबादला झेल चुके हैं. 25 मई 2026 से महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन कमिश्नर पद पर सेवाएं दे रहे तुकाराम मुंढे से फूड माफिया खौफ में हैं. ये उनके खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन ले रहे हैं.
तुकाराम मुंढे महाराष्ट्र के बीड जिले के ताड़सोना गांव के निवासी हैं. किसान परिवार में 3 जून 1975 को जन्मे तुकाराम मुंढे की शुरुआती पढ़ाई जिला परिषद स्कूल से हुई. औरंगाबाद से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की. वर्ष 2004 में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर वे अपने गृह कैडर महाराष्ट्र में ही आईएएस अधिकारी बने.
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