इंडिया गठबंधन की बुधवार यानी 30 सितंबर को होने वाली बैठक के लिए एजेंडा तैयार हो गया है. कांग्रेस ने अपने कार्यसमिति की बैठक में जो बातें कही है उसी के इर्द गिर्द ही इंडिया गठबंधन की बैठक होगी. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग की गई. कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयुक्त ने अपने सभी नैतिक और संस्थागत अधिकार खो दिए हैं. इंडिया गठबंधन की बैठक में भी इसी तरह का प्रस्ताव पारित किया जाएगा. मगर इंडिया गठबंधन में शामिल सभी दल मिलकर देश भर में आंदोलन करने की रणनीति भी बनाएंगे.
इस बैठक में दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन के दलों की इकट्ठा रैली और फिर विभिन्न राज्यों की राजधानी में रैली करने का भी ऐलान किया जाएगा और हो सकता है पहली रैली की तारीख की घोषणा भी की जाए. इस बैठक में कांग्रेस की तरफ से मल्लिकार्जुन खरगे,राहुल गांधी और सोनिया गांधी होंगी. तृणमूल कांग्रेस से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी,सभी वामदलों के नेता भी होंगे इसके अलावा हेमंत सोरेन,तेजस्वी यादव,सुप्रिया सुले,उमर अब्दुल्ला,महबूबा मुफ़्ती जबकि उद्धव ठाकरे वर्चुअल मोड से जुड़ेंगे.
इस बैठक में केरल कांग्रेस,वीसीके,एमडीएमके के अलावा राजस्थान की आरएलपी और बीएपी के नेता भी होंगे.इस बैठक में तमिलनाडु में कांग्रेस की सहयोगी टीवीके से कोई नहीं होगा जबकि राज्यसभा के निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल को जरूर बुलाया गया है.
अखिलेश यादव बैठक में होंगे शामिल?
इंडिया गठबंधन की बैठक में समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव नहीं होंगे उनके बदले सपा के सांसद हरेन्द्र मलिक शामिल होंगे.अखिलेश यादव से कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने बातचीत भी की है.
इंडिया गठबंधन की बैठक में आम आदमी पार्टी नहीं आ रही है मगर उन्होंने कहना है कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग में विपक्ष का साथ देगी जबकि डीएमके ने कहा है कि वे इस मुद्दे का समर्थन तो करते हैं मगर इंडिया गठबंधन की बैठक में नहीं आ सकते.
किन दलों से सकारात्मक जवाब नहीं मिला?
वैसे सीपीएम महासचिव एम ए बेबी ने इंडिया गठबंधन का विस्तार करने की बात कही है और राज्यों में बीजेपी की विरोधी पार्टियों को जोड़ने के लिए सभी दलों को चिट्ठी भी लिखी है मगर बीजू जनता दल,बीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है.
कांग्रेस का मानना है कि 30 सितंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक ऐतिहासिक होने वाली है क्योंकि इसके बाद लगभग पूरा विपक्ष एकजुट हो कर सरकार के खिलाफ सड़क और संसद में उतरेगा. देश भर में मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR एसआईआर के खिलाफ आंदोलन और जनसभाएं की जाएगी तो संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा और विपक्ष सरकार को उस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाएगा.
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