महाराष्ट्र में छत्रपति संभाजीनगर के मुकुंदवाड़ी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. यहां लिव-इन रिलेशनशिप में रहे वाले एक कपल ने पैरेंट्स बनने के बाद महज एक महीने के अपने बच्चे को 1 लाख 20 हजार रुपये में बेच दिया. हैरानी की बात यह है कि इस बच्चे को मजबूरी में नहीं बेचा गया, बल्कि मिले पैसों से महंगे शौक और मौज-मस्ती पूरी करने में खर्च किया गया. पुलिस की जांच में पता चला है कि अब तक इस मासूम बच्चे की एक के बाद एक कुल चार चरणों में खरीद-फरोख्त की गई. जैसे कोई सामान हो, वैसे ही यह बच्चा एक हाथ से दूसरे हाथ बिकता रहा.
- पहला सौदा: असली माता-पिता ने 1 लाख 20 हजार रुपये में बच्चे को सीमा रेशवाल नाम की महिला के हाथों बेचा.
- दूसरा सौदा: सीमा ने इस बच्चे को पडेगांव की रहने वाली संगीता आव्हाड को 2 लाख 70 हजार रुपये में बेच दिया.
- तीसरा सौदा: संगीता नाम की महिला बच्चे को लेकर नांदेड़ पहुंची और वहां एक कथित फर्जी डॉक्टर सुरेश गुंटुका को यह बच्चा 3 लाख 50 हजार रुपये में बेच दिया.
- चौथा सौदा: डॉ. सुरेश ने इस बच्चे को हैदराबाद में रहने वाली अपनी एक रिश्तेदार उमा खटकम को 3 लाख 50 हजार रुपये में बेंच दिया.
कुल 7 आरोपी गिरफ्तार...
पुलिस इंस्पेक्टर विवेक सोनवणे के नेतृत्व में आरोपियों की धरपकड़ शुरू हो गई है. पुलिस ने माता-पिता के साथ-साथ इस चेन में शामिल एजेंटों सीमा रेशवाल, पडेगांव की संगीता आव्हाड और कथित फर्जी डॉक्टर सुरेश गुंटुका कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है.
बच्चा आखिरी बार चौथे सौदे में हैदराबाद की रहने वाली उमा खटकम को 3 लाख 50 हजार रुपये में बेचा गया था, इसलिए पुलिस की टीम बच्चे को हैदराबाद से सुरक्षित रेस्क्यू करके वापस लाने की कोशिश में लगी है.
बच्चे को 1 लाख 20 हजार रुपये में बेचकर माता-पिता ने जो दो नए महंगे मोबाइल फोन और सोने की चेन खरीदी थी, पुलिस उन चीजों को भी सबूत के तौर पर जब्त कर रही है.
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने इससे पहले भी अन्य मासूम बच्चों की इसी तरह खरीद-फरोख्त की है. मामले में जांच जारी है.
(रिपोर्ट: मोसिन शेख)
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