Bandra Demolition Drive: मुंबई के बांद्रा इलाके में बीएमसी (BMC) के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अवैध मस्जिद ढहाने के बाद अचानक माहौल गरमा गया. बुलडोजर कार्रवाई का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में भारी पथराव हुआ. इस हिंसक घटना में 7 पुलिसकर्मियों और 3 प्रदर्शनकारियों सहित कुल 10 लोग घायल हो गए हैं. सभी घायलों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें छह को भाभा अस्पताल लाया गया था. पुलिस ने इस मामले में अबतक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, 100 से ज्यादा लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है.
भाभा अस्पताल के अनुसार, घायल पुलिसकर्मियों में विपुल विजय कुमार कदम, मनीष भीमराव बच्छाव और वैभव गीते को भर्ती कराया गया था. प्राथमिक उपचार के बाद, ये तीनों पुलिसकर्मी मेडिकल सलाह के खिलाफ अस्पताल से चले गए. प्रदर्शनकारियों में फिझान अन्वाज खान, अनस रशीद खान और अन्सार अली बेग घायल हुए हैं. इनमें से अन्सार अली बेग को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर है. वहीं, बाकी दोनों प्रदर्शनकारी मेडिकल सलाह के खिलाफ अस्पताल से चले गए.

मुंबई में बुलडोजर एक्शन के दौरान पथराव, 7 पुलिसकर्मियों समेत 10 लोग घायल
— NDTV India (@ndtvindia) May 21, 2026
मुंबई के बांद्रा इलाके में बीएमसी के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अचानक माहौल गरमा गया, बुलडोजर कार्रवाई का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई, जिसमें भारी पथराव हुआ, इस हिंसक घटना में… pic.twitter.com/jBKdxcsK6h
एक पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती
वीएन देसाई अस्पताल के प्रशासन ने बताया कि उनके यहां चार घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए लाया गया था. घायल पुलिसकर्मियों के नाम जितेंद्र कुमार सतेंदर, नवनाथ अण्णा मुदगुल, ओंकार दीपक कोली और चंद्रकांत ढांबले हैं. इनमें से जितेंद्र कुमार सतेंदर की हालत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है. बाकी अन्य तीन पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.
पथराव करने वालों पर पुलिस का एक्शन
मुंबई पुलिस ने इस मामले में 15 नामजद आरोपियों सहित करीब 100 अज्ञात लोगों के एफआईआर दर्ज की है. इस हिंसक झड़प के सिलसिले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. यह घटना 20 मई को उस समय हुई जब कोर्ट के आदेशानुसार प्रशासन की टीम गरीबनगर इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की मुहिम चला रही थी.
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ दंगा भड़काने, सरकारी काम में बाधा डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ऑन-ड्यूटी सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने जैसी कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. फिलहाल इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप्स के आधार पर अन्य फरार आरोपियों की पहचान करने में जुटी है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर मुंबई के पश्चिम रेलवे ने बांद्रा (पूर्व) के गरीब नगर में रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान नागरिक प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से चलाया जा रहा है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे. जानकारी के अनुसार, करीब 500 अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जा रहा है.
रेलवे ने कार्रवाई को लेकर वहां पहले से नोटिस दे दिया था. रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे का यह संवेदनशील मामला कानूनी प्रक्रियाओं के चलते साल 2017 से कोर्ट में लंबित था, जिस पर अब फैसला आया है.
उसी क्रम में बुधवार को बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक अवैध मस्जिद को ढाह दिया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए. जब भीड़ नहीं मानी तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया.
(रुत्तिक गणकवर की रिपोर्ट)
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