- बीजेपी ने अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना शिंदे गुट को बाहर रखते हुए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है
- अंबरनाथ विकास अघाड़ी के तहत बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी के कुल 32 पार्षद मिलकर बहुमत बनाएंगे
- बीजेपी की तेजश्री करंजुले ने अंबरनाथ नगर परिषद में महापौर का पद जीता है
कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन से हाथ मिला लिया है. बीजेपी ने शिवसेना के शिंदे गुट को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस के साथ सत्ता का रास्ता चुना है. अंबरनाथ में बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन से राजनीति गरमा गई है.
एकनाथ शिंदे हुए दरकिनार
अंबरनाथ नगर परिषद में हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. देशभर में कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली बीजेपी ने अंबरनाथ में सीधे कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर सत्ता का रास्ता चुना है. शिंदे गुट को दरकिनार करते हुए, अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा-कांग्रेस का एक "अप्रत्याशित गठबंधन" साकार हुआ है, और इस गठबंधन की बदौलत बीजेपी बहुमत की ओर बढ़ रही है.
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अंबरनाथ विकास अघाड़ी
बीजेपी की तेजश्री करंजुले ने अंबरनाथ नगर परिषद में महापौर का पद जीत लिया है. कुल 32 पार्षदों के गठबंधन से, जिनमें बीजेपी के 14, कांग्रेस के 12 और एनसीपी (अजीत पवार समूह) के 4 पार्षद शामिल हैं, बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिल जाएगा. इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है.
शिंदे सेना का बीजेपी पर हमला
हालांकि, इन घटनाक्रमों से शिवसेना शिंदे समूह में भारी असंतोष है. शिवसेना शिंदे समूह ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए इस गठबंधन को "अभद्र युति (गठबंधन)" बताया है. शिंदे समूह के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करने वाली बीजेपी पर कांग्रेस के साथ गठबंधन करके शिवसेना पर हमला करने का आरोप लगाया है.
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बीजेपी का आया जवाब
शिंदे सेना ने कहा कि कांग्रेस-मुक्त भारत की घोषणा करने वाली बीजेपी ने आज ठाणे के अंबरनाथ में नगर परिषद में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया है. इस गठबंधन को शिवसेना ने पीठ में छुरा घोंपने जैसा है. वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. बीजेपी उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने शिंदे समूह पर पलटवार करते हुए कहा है कि अगर वे पिछले पच्चीस वर्षों से भ्रष्टाचार में लिप्त शिंदे समूह के साथ सत्ता में होते तो यह एक बेहद ही अनुचित गठबंधन न होता.
शिवसेना पर ही फोड़ा ठीकरा
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अंबरनाथ नगर परिषद के लिए शिंदे समूह के साथ महागठबंधन पर कई बार चर्चा करने की कोशिश की, लेकिन उनके नेताओं से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. एक ओर जहां बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता के बंटवारे को स्पष्ट कर रहा है. वहीं दूसरी ओर इस गठबंधन ने महागठबंधन में तनाव पैदा कर दिया है. अंबरनाथ में यह अनुचित गठबंधन अनुचित है या अपरिहार्य, इस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आने वाले समय में और भी तेज होने की संभावना है.
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