- मध्यप्रदेश के गुना की मंडी में एक किसान अपनी फसल बेचने के लिए अधिकारियों से हाथ जोड़कर विनती करता नजर आया
- मंडी निरीक्षक राजकुमार शर्मा पर नशे में धुत होकर फसल की बोली में धांधली करने के आरोप लगे हैं
- निरीक्षक ने धनिया फसल की बोली में 300 रुपये प्रति क्विंटल की कमी दर्ज की, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ
मध्यप्रदेश के गुना स्थित नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में मंगलवार को मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई. जहां एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर एक किसान अपनी ही मेहनत की फसल बेचने के लिए अधिकारियों के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाता नजर आया. मंडी में अपनी फसल बेचने आए एक किसान की आंखों से आंसू बह रहे थे. हाथ जोड़कर वह अधिकारियों और व्यापारियों से विनती कर रहा था 'साहब मेरी बेटी की शादी है, टीका करना है, फसल बिक जाएगी तो घर की इज्जत बच जाएगी. मामला तब और गंभीर हो गया जब मंडी निरीक्षक पर नशे में धुत होकर धांधली करने के आरोप लगे।
नशे में धुत अधिकारी और '300 रुपये' का खेल
मंडी में हंगामा तब शुरू हुआ जब ड्यूटी पर तैनात मंडी निरीक्षक राजकुमार शर्मा पर नशे में होने का आरोप लगा. विवाद की जड़ एक धनिया की फसल बनी. जिसकी बोली 5700 रुपये प्रति क्विंटल लगी, लेकिन पर्ची पर 5400 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. जब किसान ने इस 300 रुपये के अंतर पर आपत्ति जताई,निरीक्षक ने अभद्र व्यवहार किया. इसके विरोध में व्यापारियों ने नीलामी बंद कर दी, जिससे सैकड़ों किसान अधर में लटक गए.
बेबस पिता लगाता रहा गुहार
अव्यवस्था के इस शोर के बीच श्रीपुरचक गांव से आए एक किसान का दर्द देख हर आंख नम हो गई. वह किसान हाथ जोड़कर विनती कर रहा था कि उसकी बेटी की शादी है और उसे टीके के लिए पैसों की सख्त जरूरत है. अगर आज फसल नहीं बिकी तो शादी की तैयारियां अधूरी रह जाएंगी. लेकिन मंडी प्रशासन की सख्ती और अव्यवस्था के बीच किसी ने उसके आंसू पोंछने की कोशिश नहीं की. हफ्तों की मेहनत और महीनों के इंतजार के बाद भी उस पिता को अपनी ही उपज बेचने के लिए सिस्टम के आगे रोना पड़ा, लेकिन घंटों तक उसकी सुनने वाला कोई नहीं था.
सड़कों पर उतरा किसानों का गुस्सा
मंडी प्रशासन की मनमानी और नीलामी रुकने से नाराज किसानों का सब्र टूट गया. किसानों ने एबी रोड नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब आधे घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. किसान गिरिराज यादव ने आक्रोश व्यक्त करते हुए पूछा, 'क्या किसानों की कोई कीमत नहीं है? हम सुबह से बैठे हैं और यहां सब कुछ मनमाने ढंग से चल रहा है.'
इस घटना पर पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए जिला कलेक्टर से जांच की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ ऐसा अन्याय जारी रहा, तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी. वहीं मंडी सचिव आरपी सिंह ने स्वीकार किया कि विवाद निरीक्षक राजकुमार शर्मा की वजह से हुआ. आरोपी निरीक्षक को ड्यूटी से हटा दिया गया है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा.
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