- IAS आन्जनेय कुमार सिंह की मुरादाबाद कमिश्नर के पद पर सेवा विस्तार 14 अगस्त को समाप्त हो गई है
- योगी आदित्यनाथ सरकार ने सेवा विस्तार का प्रस्ताव भेजा, लेकिन पीएमओ की मंजूरी का इंतजार जारी है
- आन्जनेय सिंह 2005 बैच के सिक्किम कैडर के अधिकारी हैं, जिन्हें यूपी कैडर में सात बार सेवा विस्तार मिला है
IAS Anjaneya Kumar Singh: उत्तर प्रदेश कैडर में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं. मुरादाबाद कमिश्नर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे आईएएस आन्जनेय सिंह को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से फिलहाल सेवा विस्तार न मिल पाने के कारण, वे डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया को प्रभार सौंपकर अवकाश पर चले गए हैं. आन्जनेय सिंह की पहचान एक दबंग और कड़क आईएएस अधिकारी के रूप में रही है, जिन्हें समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई के लिए जाना जाता है.
14 अगस्त को समाप्त हुई प्रतिनियुक्ति, PMO की मंजूरी का इंतजार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 14 अगस्त 2026 को मुरादाबाद कमिश्नर आईएएस आन्जनेय सिंह की सेवा विस्तार की अवधि समाप्त हो गई है. वे मूल रूप से सिक्किम कैडर के 2005 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. दावा किया जाता है कि केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के अनुरोध पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उन्हें प्रतिनियुक्ति पर यूपी कैडर में लेकर आए थे.

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यूपी कैडर में अपनी प्रतिनियुक्ति अवधि के दौरान आन्जनेय सिंह को साल 2020 से लेकर 2025 तक सात बार सेवा विस्तार मिल चुका है. इस बार भी प्रतिनियुक्ति बढ़ाने के लिए कार्मिक विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रस्ताव तो भेजा है, लेकिन मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास जाएगा. वहां प्रधानमंत्री कार्यालय की स्वीकृति मिलने के बाद ही सेवा विस्तार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
योगी सरकार के भरोसेमंद अफसरों में गिनती
यूपी कैडर में बीते 11 वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे आन्जनेय सिंह ने अपने मूल कैडर सिक्किम में केवल 8 साल ही बिताए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद अफसरों में गिने जाने वाले आन्जनेय सिंह के रामपुर का कलेक्टर रहते हुए साल 2019 में सपा के दिग्गज नेता आजम खान के खिलाफ हेट स्पीच मामले में बड़ी कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद आजम खान को अपनी विधायकी से हाथ धोना पड़ा था.
'जूते साफ कराऊंगा' वाले बयान पर आजम खान के खिलाफ कड़ा एक्शन
दरअसल, चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने एक जनसभा में विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था, "कलेक्टर-फलक्टर से मत डरियो, ये तनखैय्या हैं... तनखैय्यों से नहीं डरते हैं. अल्लाह ने चाहा तो इनसे जूते साफ कराऊंगा." आजम खान को यह बयान बहुत महंगा पड़ा. तत्कालीन रामपुर कलेक्टर आन्जनेय सिंह ने उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की और अदालत से तीन साल की सजा दिलाई. सजा मिलने के तुरंत बाद आजम खान की विधायकी रद्द कर दी गई थी.
कौन हैं आईएएस आन्जनेय सिंह?
भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2005 बैच के अधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के सलाहाबाद गांव के रहने वाले हैं. वे 16 फरवरी 2015 को अखिलेश यादव की तत्कालीन समाजवादी सरकार के समय प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए थे और तब से लगातार यहीं अपनी सेवाएं दे रहे हैं. साल 2019 में उन्हें रामपुर का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया था और इसके बाद वे पदोन्नत होकर मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर बने थे.
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