देवास जिले के बालोन गांव में इंसान और बेजुबान के बीच रिश्ते की भावुक तस्वीर सामने आई है. यहां एक किसान ने वर्षों तक खेती में साथ देने वाले अपने बैल के निधन पर उसे परिवार के सदस्य की तरह विदाई दी. बैल की मौत के बाद परिवार ने वैदिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया. इतना ही नहीं, अपने इस बेजुबान साथी की याद में परिवार ने नुक्ता यानी मृत्युभोज का आयोजन भी किया, जिसमें करीब 5 हजार लोगों को भोजन कराया गया.

dewas balon farmer family organizes mrityubhoj 5000 people after bull death.
परिवार का भरोसेमंद साथी बना रहा
बताया जा रहा है कि यह बैल लंबे समय तक परिवार के साथ खेतों में काम करता रहा. किसान के दिन की शुरुआत उसके साथ खेत में होती थी और खेती के काम में वह परिवार का भरोसेमंद साथी बना रहा. आधुनिक दौर में खेती के तौर-तरीके भले बदल गए हों, लेकिन परिवार का अपने बैल के प्रति लगाव बरकरार रहा.
ग्रामीण भी हुए भावुक
बैल के निधन के बाद परिवार ने जिस तरह पूरे सम्मान और संवेदना के साथ अंतिम संस्कार किया, उसे देखकर ग्रामीण भी भावुक हो गए. गांव में परिवार की ओर से आयोजित नुक्ता कार्यक्रम भी चर्चा का विषय बना हुआ है.
भावनात्मक रिश्ते की मिसाल पेश
ग्रामीणों का कहना है कि बैल किसान के लिए सिर्फ खेती का साधन नहीं रहा, बल्कि पीढ़ियों से वह किसान की मेहनत और संघर्ष का साथी रहा है. बालोन में परिवार ने अपने बेजुबान साथी को जिस तरह सम्मान दिया, उसने इंसान और पशु के बीच भावनात्मक रिश्ते की मिसाल पेश की है.
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