सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई 13 लोगों की मौत के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार एक्शन मोड में हैं. मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है. इसी कड़ी में बंडा के एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को हटा दिया है, जबकि इससे पहले बंडा एसडीएम आरती यादव को भी पद से हटाया जा चुका है. दूसरी ओर पुलिस ने मामले में गिरफ्तार 14 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है, जबकि 16 अन्य आरोपी अब भी फरार हैं.
SDOP प्रदीप वाल्मीकि को हटाया
जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस विभाग में एक और बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. बंडा एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल भेज दिया गया है. उनकी जगह रोहित लखारे को बंडा का नया एसडीओपी नियुक्त किया है.
जहरीली शराब कांड सामने आने के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है. प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. बंडा एसडीओपी को हटाए जाने से पहले भी कई अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है.
SDM आरती यादव को भी हटाया
मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा कदम उठाया गया है. कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बंडा की अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं संयुक्त कलेक्टर आरती यादव को एसडीएम पद से हटा दिया है. उन्हें अब कलेक्ट्रेट कार्यालय सागर में पदस्थ किया गया है. आरती यादव बंडा के साथ शाहगढ़ अनुविभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही थीं.
संजय कुमार जैन को मिला नया दायित्व
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार जैन को बंडा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) का प्रभार सौंपा गया है. इसके साथ ही उन्हें शाहगढ़ अनुविभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था से क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा.
13 मौतों से हिल गया पूरा बुंदेलखंड
सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत ने पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है, जबकि क्षेत्र में लोगों के बीच आक्रोश और चिंता का माहौल बना हुआ है. मामले के सामने आने के बाद सरकार ने जांच और कार्रवाई दोनों स्तरों पर तेजी दिखाई है.
14 आरोपी न्यायालय में पेश
जहरीली शराब कांड की जांच कर रही पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
पुलिस के मुताबिक अब तक जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 30 आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 16 आरोपी अभी भी फरार हैं. फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं