रीवा के संजय गांधी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला शांत नहीं हो रहा है. मृतका कल्पना मिश्रा को इंसाफ दिलाने की मांग अब बड़ा आंदोलन बनती जा रही है. कल्पना के पिता और परिजन लगातार पांचवें दिन भी आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं. उनके समर्थन में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जिले भर से लोग लगातार अनशन स्थल पर पहुंच रहे हैं.
पीड़ित परिवार मांग है कि मामले की CBI जांच कराई जाए. इलाज में कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों और डॉक्टरों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जाए.
अस्तपाल के डीन का तबादला
मामले को लेकर संजय गांधी अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच सरकार की ओर से अस्पताल के डीन सुनील अग्रवाल का तबादला कर दिया गया है. शशिधर प्रसाद गर्ग को अस्पताल का नया डीन बनाया गया है.
8 सितंबर मंत्री का बंगला घेरने की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो 8 सितंबर को उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के निवास स्थान के सामने उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.
प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
आंदोलनकारियों का कहना है कि एक बेटी और उसके नवजात शिशु की असमय मौत हो गई्. न्याय की आस में वृद्ध पिता पांच दिनों से अनशन पर बैठा है, लेकिन प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है.
जिस मरीज को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया वह जिंदा निकला, संजय गांधी अस्पताल के ICU में चल रहा इलाज
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