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छत्तीसगढ़ के 41 गांव में पहली बार मना गणतंत्र दिवस, नक्सलियों के किले पर भी फहरा तिरंगा

Chhattisgarh Naxal Free Village Hoisting Flag: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के किले कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर जवानों ने तिरंगा फहराया. यह पहली बार है कि नक्सल प्रभावित 41 गांवों में गणतंत्र दिवस मनाया गया. इससे स्पष्ट संकेत है कि अब 'लाल आतंक' का खात्मा हो गया है.

छत्तीसगढ़ के 41 गांव में पहली बार मना गणतंत्र दिवस, नक्सलियों के किले पर भी फहरा तिरंगा
कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर झंडा फहकाते जवान, छत्तीसगढ़ के 41 गांव में पहली फहराया गया है तिरंगा.

Republic Day Celebrating Chhattisgarh: देश का हर नागरिक गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और स्वतंत्रता दिवस  (15 अगस्त) पर गर्व से झंडा फहराता है, लेकिन क्या आपको पता है कि छत्तीसगढ़ के कई गांव ऐसे थे, जो आजादी के बाद अभी तक देश के पर्व को नहीं मना पा रहे थे. इस वर्ष पहली बार ऐसा हुआ कि कई गांवों ने गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराया. इसकी वजह नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त कार्रवाई है, जिसका संकते है कि 'लाल आतंक' को खत्म करने में सफलता मिली है.

दरअसल, देश में ज्यादातर इलाके अब नक्सल मुक्त हो चुके हैं. पिछले डेढ़ साल से केंद्र-राज्य सरकार नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही है. नक्सलियों की वजह से प्रभावित इलाकों में विकास नहीं पहुंच पा रहा था. आजादी के 78 वर्ष बाद भी बड़ी संख्या में गांव ऐसे थे, जहां कोई भी आधुनिक सुविधा नहीं थी. 26 जनवरी 2026 के दिन सोमवार को नक्सल प्रभावित बस्तर के कई गांवों में लोकतंत्र की बड़ी जीत देखने को मिली है.

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41 गांव मना रहे जश्न

नक्सलियों का प्रभाव कम होने के बाद बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिले के 41 गांवों में पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है, जिसमें बीजापुर के 13, नारायणपुर के 18 और सुकमा के 10 गांव शामिल हैं. यहां पहली बार 26 जनवरी के दिन राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी संपन्न किए गए.

नक्सलियों का डर खत्म

आजादी के इतने वर्षों बाद ऐसे हालात सुरक्षा कैंप और प्रशासन की मौजूदगी से हुए हैं. इस बार गणतंत्र दिवस पर ग्रामीणों में उत्साह दिख रहा है, क्योंकि नक्सलियों का डर अब खत्म हो गया है. बस्तर में गणतंत्र दिवस 2026 शांति और विकास के प्रतीक के रूप में मनाया जा रहा है.

कर्रेगुट्टा पहाड़ पर पहली बार तिरंगा फहरा

इसके अलावा नक्सलियों के सबसे सुरक्षित गढ़ माने जाने वाले कर्रेगुट्टा पहाड़ पर भी तिरंगा फहराया गया, जिसे सुरक्षा व्यवस्था और लोकतंत्र की बड़ी सफलता माना जा रहा है. ताड़पाला कैंप पर सीआरपीएफ की 196 बटालियन व कोबरा की 204 बटालियन के जवानों ने तिरंगा फहराया. कर्रेगुट्टा पहाड़ी को नक्सलियों से आजाद कराने के लिए 22 हजार जवानों ने 21 दिनों तक नक्सल विरोधी अभियान चलाया था. इस ऑपरेशन में 36 नक्सलियों को ढेर किया गया था.

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कल भी किए ब्लास्ट

दहशत फैलाने के लिए रविवार को नक्सलियों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर 6 आईईडी ब्लास्ट किए थे, जिसमें 10 जवान घायल हो. नक्सलियों की इस कायराना हरकत से जवानों के हौसले डिगे नहीं और आज गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराया.

इन गांवों में फहराया गया झंडा

बीजापुर जिले के के उल्लूर, चिलमसका, पेद्दाकोमरा, कोमागुड़ा, बेलनार, ताड़पाल, कोडापाली, दंतेवाड़ा के पिल्लूर, डोडीसुमार, कमालूर, नारायणपुर–ओरछा के पलवाया, एडूम, ईदवाया, कुकड़मेल गांव में गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. वहीं, सुकमा जिले के चिंतनार क्षेत्र के कई गांवों में भी गणतंत्र दिवस तिरंगा फहराया जाएगा.

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