Rajim Kumbh Kalp Mela 2026: धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा के महापर्व राजिम कुंभ (कल्प) मेला 2026 (Rajim Kumbh Kalp Mela) की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं. माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक आयोजित होने वाले इस 15 दिवसीय मेले में लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है. भीड़ और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मेला क्षेत्र में पवित्र वातावरण बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके ने मेले की पूरी अवधि (1 से 15 फरवरी 2026) तक राजिम क्षेत्र में मांस-मटन की बिक्री और पशुवध गृहों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है.
राजिम कुंभ (कल्प) तैयारियों का उच्चस्तरीय निरीक्षण
— Gariyaband (@GariyabandDist) January 30, 2026
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ नवीन मेला मैदान एवं नदी मेला स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ नियंत्रण और निर्माण कार्यों की समीक्षा की।
साधु-संतों व श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च pic.twitter.com/UT1N48xRaU
क्या है आदेश?
जारी आदेश के अनुसार, राजिम मेला क्षेत्र में स्थित सभी प्रकार की मांसाहारी दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने पुलिस एवं राजस्व अमले को मेले की अवधि में सतत निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व वाले इस आयोजन में शांति और श्रद्धा का माहौल बनाए रखना शासन की प्राथमिकता बताई गई है.
मंत्रों की गूंज, शंखनाद की मधुर ध्वनि और आस्था का अविरल प्रवाह
— Chhattisgarh Culture Department (@CGCultureDeptt) February 6, 2025
राजिम कुंभ कल्प 2025
आइए, इस पावन उत्सव का हिस्सा बनें!
दिनांक: 12 से 26 फरवरी 2025 तक
स्थान: राजिम, छत्तीसगढ़#राजिम_कुंभ_कल्प_2025 #छत्तीसगढ़ pic.twitter.com/IHjShByv2h
यहां 1 से 15 फरवरी तक ड्राई डे घोषित
राजिम कुंभ मेला के दौरान प्रदेश शासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नवापारा (जिला रायपुर), मगरलोड (जिला धमतरी) और राजिम (जिला गरियाबंद) क्षेत्र को लगातार 15 दिनों के लिए शुष्क दिवस घोषित कर दिया है. आदेश के अनुसार 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक इन क्षेत्रों में सभी प्रकार की देशी-विदेशी मदिरा की खुदरा दुकानें, रेस्टोरेंट-बार, होटल-बार, क्लब, भांग और भांगघोटा की दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी.
शासन ने अवैध मदिरा के परिवहन, भंडारण और बिक्री पर रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं. इसके तहत राज्य स्तरीय उड़नदस्ता, संभागीय उड़नदस्ता रायपुर तथा जिला आबकारी विभाग, गरियाबंद की टीमों को सक्रिय किया गया है. ये टीमें मेले के दौरान संभावित स्थानों, वाहनों और दुकानों की नियमित जांच करेंगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज करेंगी.
आमजन से सहयोग की अपील, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे धार्मिक पवित्रता को बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग दें. अधिकारियों का कहना है कि मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध शराब, भांग या मांसाहारी पदार्थों की बिक्री बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रतिष्ठान द्वारा नियमों की अवहेलना करने पर दुकान सील करने से लेकर दंडादेश तक की कार्रवाई की जाएगी.
क्यों उठाए गए ये कदम?
राजिम कुंभ कल्प मेला छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जहां महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम पर प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और स्नान के लिए पहुंचते हैं. मेले के दौरान साधु-संतों, श्रद्धालुओं और यात्रियों की बड़ी संख्या में आवाजाही होती है. धार्मिक मर्यादा और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को मदिरा और मांस जैसे उत्पादों से मुक्त करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. प्रशासनिक आदेश इसी परंपरा को बनाए रखने की दिशा में उठाया गया सख्त कदम माना जा रहा है.
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