8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज है. आयोग के गठन के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें परवान चढ़ने लगी हैं.इसी बीच देश के बड़े ट्रेड यूनियन संगठनों में से एक ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने वेतन आयोग के सामने 12 अहम मांगें रखी हैं. AITUC ने आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को पत्र लिखकर कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़े बदलाव की मांग की है. इनमें फिटमेंट फैक्टर 3.0, ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली और ज्यादा महंगाई भत्ता (DA) जैसी कई अन्य मांगें शामिल हैं.
ट्रेड यूनियन ने न सिर्फ सैलरी बढ़ाने की बात है, बल्कि पेंशन और काम करने के तरीकों में भी बड़े बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है. यहां हम आपको एक-एक करके 8वें वेतन आयोग को लेकर AITUC की सभी 12 मांगों के बारे में डिटेल में हर अपडेट देने जा रहे हैं.इन मांगों को अगर मान ली गईं तो सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो जाएगी.
1. फिटमेंट फैक्टर 3.0 की मांग
AITUC ने कहा है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कम से कम 3.0 होना चाहिए.फिटमेंट फैक्टर वही मल्टीप्लायर होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की नई सैलरी और पेंशन बढ़ाई जाती है.यूनियन का कहना है कि अगर 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो इससे कर्मचारियों की सैलरी में अच्छा खासा इजाफा हो सकता है और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.
2. सैलरी कैलकुलेशन में फैमिली यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव
AITUC ने सैलरी तय करने के लिए इस्तेमाल होने वाली फैमिली यूनिट बढ़ाने की भी मांग की है.7वें वेतन आयोग में तीन यूनिट (पति, पत्नी और दो बच्चे) का फॉर्मूला माना गया था.अब यूनियन ने अब AITUC ने इसे बढ़ाकर 5 यूनिट करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें माता-पिता को भी शामिल करने की बात कही गई है.
3. सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत सभी 18 पे-लेवल के कर्मचारियों को हर साल 3% इंक्रीमेंट मिलता है.AITUC ने मांग की है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 6% सालाना इंक्रीमेंट किया जाए.
4. NPS और UPS खत्म कर OPS बहाल करने की मांग
AITUC ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को खत्म करने की मांग की है. AITUC का कहना है कि ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को फिर से लागू किया जाना चाहिए क्योंकि पेंशनर्श की डिफर्ड सैलरी होती है.साथ ही यूनियन ने हर पांच साल में पेंशन में 5% की बढ़ोतरी करने का सुझाव भी दिया है.
5.करियर में कम से कम 5 प्रमोशन की मांग
AITUC ने प्रमोशन सिस्टम में भी बदलाव की मांग उठाई है.यूनियन का कहना है कि 30 साल की सरकारी नौकरी में कम से कम पांच प्रमोशन मिलना चाहिए.उनका मानना है कि मौजूदा सिस्टम में कर्मचारियों को लंबे समय तक प्रमोशन नहीं मिलता.ऐसे में कर्मचारी लंबे समय तक एक ही पद पर अटके रहते हैं, जिससे करियर में रुकावट आती है.
6. पेंशन कम्यूटेशन बहाली का समय घटाने की मांग
यूनियन ने पेंशन कम्यूटेशन की बहाली अवधि को भी कम करने का प्रस्ताव दिया है.अभी पेंशन कम्यूटेशन की राशि 15 साल बाद बहाल होती है.जिसे घटाकर 11 से 12 साल करने की मांग की गई है.
इसके साथ ही यूनियन ने महंगाई भत्ता (DA) कैलकुलेशन के फॉर्मूले में बदलाव का सुझाव भी दिया गया है.
7.लीव एन्कैशमेंट लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव
यूनियन ने रिटायरमेंट के समय मिलने वाले लीव एन्कैशमेंट की लिमिट बढ़ाने की मांग की है.फिलहाल कर्मचारी अधिकतम 300 दिन की छुट्टियों का एन्कैशमेंट ले सकते हैं.AITUC ने इसे बढ़ाकर 450 दिन करने का सुझाव दिया है.
8.रिस्क अलायंस और मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने की मांग
AITUC ने कुछ अतिरिक्त सुविधाओं की भी मांग की है.यूनियन ने रिस्क और हार्डशिप अलाउंस बढ़ाने, कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट, महिलाओं के लिए मेंस्ट्रुअल लीव औरपेटरनिटी लीव(Paternity Leave)देने की भी मांग की है.
9. रेलवे, CAPF और डिफेंस कर्मचारियों के लिए ज्यादा मुआवजा
यूनियन ने रेलवे, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और रक्षा क्षेत्र के सिविल कर्मचारियों के लिए ज्यादा मुआवजा देने की मांग की है.यूनियन का प्रस्ताव है कि,ड्यूटी के दौरान मौत पर 2 करोड़ रुपये,बड़े हादसे पर 1.5 करोड़ रुपये और छोटे हादसों पर 10 से 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए.
AITUC ने अग्निवीर योजना का भी विरोध किया है.यूनियन ने मांग की है कि सशस्त्र बलों में स्थायी भर्ती की व्यवस्था जारी रखी जाए और मौजूदा अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाए.इसके साथ उन्हें अच्छी शुरुआती सैलरी, स्पष्ट करियर प्रोग्रेस और अन्य लाभ देने की बात कही गई है.
10. कॉन्ट्रैक्ट जॉब और आउटसोर्सिंग खत्म करने की मांग
यूनियन ने केंद्र सरकार की नौकरियों में कॉन्ट्रैक्ट जॉब, आउटसोर्सिंग और लैटरल एंट्री का विरोध किया है.AITUC ने सरकार से करीब 15 लाख खाली पदों को नियमित भर्ती के जरिए भरने की मांग की है.ताकि कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और बेहतर करियर अवसर मिल सकें.
11.बोनस लिमिट खत्म करने की मांग
यूनियन ने प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को कर्मचारियों के वास्तविक बेसिक वेतन के बराबर करने की मांग की है.फिलहाल यह बोनस 30 दिन के लिए अधिकतम 7,000 रुपये तक सीमित है.
AITUC का कहना है कि इस पर कोई सीमा नहीं होनी चाहिए .यूनियन का कहना है कि इस पर लगी सीमा हटाकर यह कम से कम 18,000 रुपये यानी न्यूनतम 30 दिन की बेसिक सैलरी के बराबर होना चाहिए.
12.सैलरी स्ट्रक्चर में बराबरी और सैलरी रेश्यिो तय करने की मांग
AITUC ने सरकार से सभी विभागों में एक समान सैलरी स्ट्रक्चर लागू करने की मांग की है.यूनियन ने यह भी कहा है कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को प्राइवेट सेक्टर के स्टैंडर्ड से नहीं जोड़ा जाना चाहिए क्योंकि दोनों की जिम्मेदारियां अलग होती हैं.
इसके अलावा यूनियन ने सुझाव दिया है कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में मिनिमम और मैक्सिमम सैलरी का रेशियो 1:10 होना चाहिए.फिलहाल 7वें वेतन आयोग में रेशियो करीब 1:14 है, जहां मिनिमम सैलरी 18,000 रुपये और मैक्सिमम सैलरी 2,50,000 रुपये है.
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