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किले पर नए 'राजा' का कब्जा! टाइगर ने 15 दिनों से जमाया डेरा, टूरिस्ट और लोगों का पास जाना बैन 

मध्य प्रदेश के रायसेन किले में पिछले 15 दिनों से बाघ की मौजूदगी से हड़कंप मचा हुआ है. फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने टूरिस्ट और स्थानीय लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी है. कैमरा ट्रैप में बाघ की कई बार पुष्टि हुई है और उसका मूवमेंट सोमेश्वर धाम के पास देखा गया.

किले पर नए 'राजा' का कब्जा! टाइगर ने 15 दिनों से जमाया डेरा, टूरिस्ट और लोगों का पास जाना बैन 

रायसेन का किला, जो कभी राजाओं और सेनाओं की ताकत की कहानी कहता था, आज एक नए “राजा” के कब्जे में है. पिछले करीब 15 दिनों से यहां एक बाघ ने डेरा जमा रखा है, जिसके चलते पूरे इलाके में दहशत और सतर्कता का माहौल बन गया है. हालात ऐसे हैं कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को टूरिस्ट और स्थानीय लोगों की आवाजाही पूरी तरह से रोकनी पड़ी है.

रायसेन किले की पहाड़ी के आस‑पास बाघ की लगातार मौजूदगी ने लोगों को चिंतित कर दिया है. पिछले दो हफ्तों से ज्यादा समय से यह बाघ यहां अलग‑अलग जगहों पर देखा जा रहा है. फॉरेस्ट विभाग ने कैमरा ट्रैप के जरिए कई बार इसकी मौजूदगी की पुष्टि की है.

पानी की तलाश में पहुंचा किले तक

अधिकारियों का मानना है कि भीषण गर्मी के चलते बाघ पानी की खोज में इस इलाके तक पहुंचा होगा. सोमेश्वर धाम मंदिर के पास मौजूद पानी के स्रोत के आसपास इसकी गतिविधि सबसे ज्यादा दर्ज की गई है. कैमरों में बाघ को पानी पीते और पास में आराम करते हुए देखा गया है.

पहली बार पैरों के निशान से चला पता

बाघ की मौजूदगी का अंदाजा सबसे पहले तब लगा, जब सुबह टहलने वाले लोगों ने किले की तरफ जाने वाले रास्ते पर उसके पगचिह्न देखे. इसके बाद फॉरेस्ट विभाग हरकत में आया और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.

ट्रैप कैमरों ने खोली पूरी तस्वीर

जांच के दौरान कई जगहों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए, जिनमें बार‑बार बाघ की तस्वीरें सामने आईं. पहले जो शक था, वह अब पूरी तरह से पुख्ता हो चुका है कि बाघ किले की पहाड़ी को अपना ठिकाना बना चुका है. बाघ की लगातार मौजूदगी को देखते हुए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने एहतियातन किले में लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी है. किले की ओर जाने वाले रास्तों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और फॉरेस्ट गार्ड तैनात कर दिए गए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति इस क्षेत्र में न जाए.

क्यों पसंद आया बाघ को यह इलाका?

विशेषज्ञों का मानना है कि किले के आसपास मौजूद पुरानी बावड़ियां, पानी के स्रोत, कम मानवीय दखल और घना इलाका बाघ के लिए सुरक्षित जगह बना रहे हैं. यही वजह है कि वह यहां टिककर रह रहा है और बार‑बार इसी इलाके में लौट रहा है.

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के SDO सुधीर पटले ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से साफ अपील की है कि वे किले की ओर न जाएं और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें. अधिकारियों का कहना है कि बाघ की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं.

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