- मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
- प्रदेश के 16 जिलों में तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है.
- भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन समेत 35 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं.
मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर एक्टिव नजर आ रहा है. पिछले कुछ दिनों से कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, वहीं मौसम विभाग ने अब ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. प्रदेश के 16 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन समेत 35 से अधिक जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के संकेत हैं. दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह शांत नहीं है. कई जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है.
मध्यप्रदेश में आज भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में आज भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. खासकर ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है. मौसम सिस्टम सक्रिय होने के कारण कई इलाकों में अचानक तेज बारिश देखने को मिल सकती है.
16 जिलों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
आज जिन जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना और सतना शामिल हैं. इन इलाकों में कुछ स्थानों पर तेज से अत्यधिक बारिश हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.
भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बारिश के आसार
राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन सहित प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. कुछ स्थानों पर तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं. दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है.
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश पर असर डाल रहा सिस्टम अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है. यही वजह है कि 6 सितंबर के बाद भी 7, 8 और 9 सितंबर तक कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के दौर की भी संभावना जताई गई है.
सामान्य से अब भी कम है प्रदेश की औसत बारिश
मध्यप्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक 30.7 इंच यानी 778.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है. हालांकि यह आंकड़ा सामान्य औसत से करीब 1.7 इंच कम है. राहत की बात यह है कि प्रदेश के 23 जिलों में औसत से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है.
छत्तीसगढ़ में भी बारिश और वज्रपात की संभावना
छत्तीसगढ़ में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने वाला नहीं है. मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है. इसके साथ ही एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की आशंका भी व्यक्त की गई है.
प्रदेश के सूरजपुर, सरगुजा, बलरामपुर, नारायणपुर, कांकेर, बीजापुर, सुकमा और राजनांदगांव जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं.
अगले दो दिन भी बदला रहेगा मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं. लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं