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चित्रकूट-सतना में फिर बाढ़ का खतरा, मंदाकिनी-सेमरावल नदी उफान पर, रामघाट डूबा, रेड अलर्ट जारी 

मप्र मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक चित्रकूट और सतना में बारिश को लेकर रेड-ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इससे दोनों जिलों में एक बार फ‍िर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. मंगलवार को मंदाकिनी नदी में जलस्‍तर बढ़ने से रामघाट डूब गया है. 

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चित्रकूट और सतना में हाल ही में आई भीषण बाढ़ की तबाही से लोग अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं. इससे पहले मौसम ने एक बार फिर उनकी चिंता बढ़ा दी है. रात से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है. चित्रकूट में हो रही बारिश से प्रसिद्ध रामघाट का क्षेत्र एक बार फिर पूरी तरह डूब गया है. सड़क पर पानी आ गया है, कई दुकानें और घर जलमग्न हो गए हैं, यहां कमर से ऊपर तक पानी भरा है. गंभीर हालत को देखते हुए NDRF की टीम को तैयार रखा गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. 

सबसे ज्‍यादा चिंता की बात यह है क‍ि मौसम विभाग ने 1 से 3 सितंबर तक चित्रकूट और सतना में भारी बारिश को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने भी हाई अलर्ट जारी कर सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी करने  के निर्देश दिए हैं. 

खतरे के निशान के करीब मंदाकिनी 

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. मंगलवार एक सितंबर की सुबह 6 बजे आरोग्यधाम के पास नदी का जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका अधिकतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 139.60 मीटर है. जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता एक फिर बढ़ गई है. 

सेमरावल नदी में उफान से ये गांव खतरे में 

सेमरावल नदी में भी पानी की आवक लगातार बढ़ रही है. प्रशासन ने रामपुर बघेलान और कोटर तहसील के नदी तटीय क्षेत्रों में बसे अकौना, अबेर, इटौर, बर्दाढीह, कोरगवां, गजिगवां, गौरैया, ढोढी, भाटिगवां, मैनपुरा, गोलहटा, गढ़वा कला, टेढ़गवां, रजरवार, किचवरिया सहित कई अन्‍य गांवों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. इसे लेकर मुनादी कराई गई है. 

टमस नदी भी लबालब, 12 गेट खोले 

वहीं, टमस नदी की बात करें तो वह भी फुल हो चुकी है. नदी का वर्तमान जलस्तर 288.29 मीटर है, जबकि खतरे का स्तर 289 मीटर है. जलाशय का स्तर 279 मीटर है, जसिके 12 गेट 0.75 मीटर खोले गए हैं. इससे करीब 1338 क्यूमेक  पानी की निकासी हो रही है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें. सड़क पर नदी-नाले का पानी बह रहा हो तो उसे पार करने का प्रयास न करें. 

NDRF की टीम कर रही जांच 

SDM चित्रकूट धाम कर्वी अजय यादव ने बताया कि एक सितंबर की सुबह 4 बजे से मंदाकिनी नदी का पानी बढ़ना शुरू हुआ है. इसके बाद अधिकतर लोग खुद ही बाहर आ गए हैं. हालांक‍ि, NDRF की टीम एहतियात के तौर पर अंदर जाकर जांच कर रही है,  जो लोग भी वहां फंसे होंगे, उन्हें सुरक्षित बाहर लाया जाएगा.

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