चित्रकूट और सतना में हाल ही में आई भीषण बाढ़ की तबाही से लोग अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं. इससे पहले मौसम ने एक बार फिर उनकी चिंता बढ़ा दी है. रात से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है. चित्रकूट में हो रही बारिश से प्रसिद्ध रामघाट का क्षेत्र एक बार फिर पूरी तरह डूब गया है. सड़क पर पानी आ गया है, कई दुकानें और घर जलमग्न हो गए हैं, यहां कमर से ऊपर तक पानी भरा है. गंभीर हालत को देखते हुए NDRF की टीम को तैयार रखा गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि मौसम विभाग ने 1 से 3 सितंबर तक चित्रकूट और सतना में भारी बारिश को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने भी हाई अलर्ट जारी कर सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी करने के निर्देश दिए हैं.
खतरे के निशान के करीब मंदाकिनी
सेमरावल नदी में उफान से ये गांव खतरे में
सेमरावल नदी में भी पानी की आवक लगातार बढ़ रही है. प्रशासन ने रामपुर बघेलान और कोटर तहसील के नदी तटीय क्षेत्रों में बसे अकौना, अबेर, इटौर, बर्दाढीह, कोरगवां, गजिगवां, गौरैया, ढोढी, भाटिगवां, मैनपुरा, गोलहटा, गढ़वा कला, टेढ़गवां, रजरवार, किचवरिया सहित कई अन्य गांवों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. इसे लेकर मुनादी कराई गई है.
टमस नदी भी लबालब, 12 गेट खोले
NDRF की टीम कर रही जांच
SDM चित्रकूट धाम कर्वी अजय यादव ने बताया कि एक सितंबर की सुबह 4 बजे से मंदाकिनी नदी का पानी बढ़ना शुरू हुआ है. इसके बाद अधिकतर लोग खुद ही बाहर आ गए हैं. हालांकि, NDRF की टीम एहतियात के तौर पर अंदर जाकर जांच कर रही है, जो लोग भी वहां फंसे होंगे, उन्हें सुरक्षित बाहर लाया जाएगा.
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