मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की दो दिवसीय जनसुनवाई में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं. कार्यालय में आयोजित इस सुनवाई में न केवल पतियों से प्रताड़ित महिलाएं पहुंचीं, बल्कि अपनी पत्नियों से परेशान पतियों ने भी न्याय की गुहार लगाई. इनमें से पत्नियों से जुड़े दो मामलों ने आयोग के सदस्यों को भी हैरान कर दिया. एक पति ने कहा कि असिस्टेंट डायरेक्टर बनने के बाद उसकी पत्नी छोड़कर चली गई है, जबकि दूसरे ने अपनी पत्नी पर लेस्बियन होने का आरोप लगाया. आइए, जानते हैं दोनों मामले क्या हैं?
केस 1: पढ़ा-लिखाकर TCP अधिकारी बनाया, पत्नी बेटे को लेकर मायके चली गई
महिला आयोग के सामने पहुंचे एक पति ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि शादी के 18 साल तक उसने अपनी पत्नी की पढ़ाई-लिखाई और करियर का पूरा खर्च उठाया. उसके सहयोग से पत्नी सरकारी अधिकारी बनी और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्त हो गई. अधिकारी बनते ही पत्नी का रवैया पूरी तरह बदल गया. वह अपने बेटे को लेकर मायके चली गई और पति के खिलाफ प्रताड़ना की झूठी शिकायत दर्ज करा दी.
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केस 2: "पत्नी लेस्बियन, सहेली से संबंध, मुझे जहर दे सकती है"
महिला आयोग में आया दूसरा मामला और भी चौंकाने वाला था. एक अन्य पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी लेस्बियन है, उसके अपनी सहेली के साथ समलैंगिक संबंध हैं. पति ने दावा कि उसने कई बार दोनों के बीच की चैट पढ़ी और फोन पर अश्लील बातें करते सुना. पति ने आयोग को बताया कि उसे पत्नी से जान का खतरा है, वह उसे खाने में जहर दे सकती है. पति ने अपने आरोपों के समर्थन में कई सबूत भी पेश किए.
दो दिन में 50 से ज्यादा मामलों की सुनवाई
मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव की मौजूदगी में आयोजित इस दो दिवसीय बेंच में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, पारिवारिक विवाद और साइबर उत्पीड़न से जुड़े 50 से ज्यादा मामलों पर सुनवाई की गई. आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आवश्यक कानूनी निर्देश जारी किए हैं.
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