मध्यप्रदेश में मानसून अब राहत नहीं बल्कि मुसीबत बनता जा रहा है. लगातार हो रही तेज बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. देवास, बुरहानपुर, धार और जबलपुर समेत कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं, सड़क संपर्क टूट रहे हैं और जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कहीं पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है तो कहीं रेलवे अंडरपास तालाब में तब्दील हो गए हैं. बुरहानपुर में ताप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि देवास में राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. लगातार बिगड़ते हालातों ने कई क्षेत्रों में आपदा जैसी स्थिति पैदा कर दी है और प्रशासन राहत एवं निगरानी में जुटा हुआ है.
देवास में नेशनल हाईवे पर थमा यातायात
देवास जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है. ग्राम मोखापिपल्या के समीप कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल के ऊपर करीब चार फीट पानी बहने लगा. इसके चलते इंदौर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल और नागपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग बंद करना पड़ा. सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. चापड़ा पुलिस मौके पर तैनात है और हालात पर लगातार नजर रख रही है. अधिकारियों का कहना है कि यदि बारिश नहीं बढ़ती है तो अगले कुछ घंटों में मार्ग फिर से खोला जा सकता है.

MP Monsoon Rain: बारिश से आफत, नदियां उफान पर
उफनती नदी में बहा युवक, बाल-बाल बची जान
देवास जिले के बागली क्षेत्र में भी बारिश ने खतरा बढ़ा दिया. बेहरी गांव में एक युवक उफनती नदी पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी तेज बहाव की चपेट में आ गया. कुछ समय तक वह पानी में बहता रहा, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि युवक ने साहस दिखाते हुए किसी तरह खुद को संभाला और सुरक्षित बाहर निकल आया. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने बारिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जरूरत को फिर उजागर कर दिया है.
बुरहानपुर में ताप्ती नदी ने बढ़ाई चिंता
बुरहानपुर जिले में ताप्ती नदी लगातार उफान पर है. पिछले दो दिनों से जिले और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. हालात यह हैं कि ताप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदी किनारे स्थित ऐतिहासिक लालदेव मंदिर और राजघाट क्षेत्र के कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. पुलिस, एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमों को घाटों पर तैनात किया गया है. लगातार मुनादी कर लोगों से नदी से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है.
जबलपुर में जलभराव से लोगों का जीना मुश्किल
जबलपुर में बारिश के बाद नगर निगम के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है. मड़ई और व्हीकल फैक्ट्री क्षेत्र की भारत कॉलोनी में नालों का गंदा पानी घरों तक पहुंच गया. कई गलियां और सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से जल निकासी की समस्या बनी हुई है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया. बारिश के बाद घरों में घुसे गंदे पानी ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. क्षेत्रवासी अब पक्की सड़क और मजबूत ड्रेनेज सिस्टम की मांग कर रहे हैं.

MP Monsoon Rain: बारिश से रास्ता बंद
धार में अंडरपास बना जानलेवा
धार जिले में पीथमपुर के पास स्थित टीही रेलवे अंडरपास एक बार फिर जलभराव की चपेट में आ गया है. इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत बने इस अंडरपास में हल्की बारिश के बाद ही तीन से चार फीट तक पानी भर जाता है. इससे ग्रामीणों का संपर्क राऊ, पीथमपुर और आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है. ग्रामीणों का आरोप है कि जलभराव के कारण पहले भी दो बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया. स्थिति ऐसी है कि लोगों को लगभग 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है. अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा.
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी की अपील
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में निगरानी बढ़ा दी है. नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले इलाकों पर पुलिस और प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं. लोगों से अपील की जा रही है कि वे उफनती नदियों को पार करने की कोशिश न करें और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसूनी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है.
आपदा जैसे हालात, बढ़ी लोगों की चिंता
मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में सामने आ रही तस्वीरें बताती हैं कि मानसून कई इलाकों में आफत बन गया है. कहीं सड़कें डूब रही हैं, कहीं मंदिर जलमग्न हैं और कहीं लोगों के घरों में गंदा पानी भर रहा है. बारिश का यह दौर यदि जारी रहा तो कई और क्षेत्रों में हालात और गंभीर हो सकते हैं. फिलहाल प्रशासन राहत और सुरक्षा व्यवस्था में जुटा है, जबकि आम लोगों की नजर आसमान और मौसम के अगले मिजाज पर टिकी हुई है.
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