मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के ग्राम नागझिरी में हर साल लगने वाला प्रसिद्ध 'संतान मेला' आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है. देश के अलग-अलग राज्यों से निसंतान दंपति संतान प्राप्ति की कामना लेकर संत बोंदरू बाबा की समाधि पर पहुंचे हैं.
मान्यता है कि बाबा की समाधि स्थल और आसपास के आम के पेड़ों पर हर साल बेमौसम कच्ची कैरी लगती है, जिसे दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण करने के बाद संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होती है.
666 महिलाओं ने कच्ची कैरी का प्रसाद ग्रहण किया

Khargone nagjhiri sant bondru baba santan mela: बोंदरू बाबा को भोग लगाने के बाद इस तरह दिया जाता है कैरी का प्रसाद.
Photo Credit: आसिफ खान
गोगा नवमी पर उमड़ती है भारी भीड़
दरअसल, खरगोन जिले के ग्राम नागझिरी में संत श्री बोंदरू बाबा की समाधि पर गोगा नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. मान्यता के अनुसार संत बोंदरू बाबा ने वर्ष 1790 में गोगा नवमी के दिन जीवित समाधि ली थी. इसके बाद से हर वर्ष गोगा नवमी पर उनकी समाधि स्थल पर मेला लगता आ रहा है. यह मेला 'संतान मेले' के नाम से प्रसिद्ध है.
बेमौसम कच्ची कैरी लगने की मान्यता

Santan Mela Nagjhiri: मां बनने के बाद समाधि स्थल पर तुलादान कर मन्नत उतारती हैं महिलाएं.
Photo Credit: आसिफ खान
संतान सुख की आस में कई राज्यों से आते हैं लोग
संतान प्राप्ति की आस लेकर मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से दंपति नागझिरी पहुंचते हैं. बाबा की समाधि पर पूजा-अर्चना कर श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं.
हर साल आते है हजारों लोग
श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा के आशीर्वाद से सैकड़ों दंपतियों की संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी हुई है. यही आस्था हर साल हजारों लोगों को इस मेले तक खींच लाती है. मेले में पहुंचने वाले हजारों भक्तों की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
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