- सतना जिले की सात साल की आयुषी पांडे भगवान श्रीकृष्ण की बड़ी भक्त है.
- उसकी जिद और आस्था के कारण लड्डू गोपाल का एडमिशन स्कूल में कराया गया है.
- वह बचपन से ही अपने साथ लड्डू गोपाल को रखती है.
भक्त और भगवान का रिश्ता हर रिश्ते से अलग और अनोखा माना जाता है. जिसमें भक्त एक मूर्ति-प्रतिमा के साथ अपनी अंतरआत्मा से जुड़ जाता है. ऐसा ही कुछ रिश्ता है सात साल की छात्रा आयुषी और उसके लड्डू गोपाल यानी भगवान कृष्ण का. जिसकी जिद में आयुषी का परिवार ही नहीं बल्कि एक प्राइवेट स्कूल भी झुक गया.
दरअसल, सतना जिले की रहने वाली आयुषी पांडेय भगवान कृष्ण की अनन्य भक्त है. वह लड्डू गोपाल को ज्यादातर समय अपने साथ ही रखती है. लेकिन, स्कूल जाते समय उसके लड्डू गोपाल घर पर ही रह जाते थे.
ऐसे में बेटी आयुषी ने अपने पिता नरेंद्र पांडेय और मां रेखा पांडेय से कान्हा जी का स्कूल में दाखिला कराने की जिद की. उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बात की और फिर 4 सितंबर को जन्माष्टमी से एक दिन पहले लड्डू गोपाल का स्कूल में केजी-1 क्लास में एडमिशन कराया गया.

Laddu Gopal Admission in school: आयुषी पांडे के साथ भगवान कृष्ण और स्कूल स्टाफ.
Photo Credit: ज्ञान शुक्ला
रोज स्कूल जाते हैं भगवान श्रीकृष्ण
पिता बोले- आयुषी के 'लल्ला' है कान्हां जी
सतना के धवारी में रहने वाले आयुषी के पिता नरेंद्र NDTV को बताया कि बेटी आयुषी की लड्डू गोपाल के प्रति गहरी आस्था और लगाव है. आयुषी के लिए कान्हा जी पूजा की महज एक प्रतिमा नहीं हैं, बल्कि परिवार के सदस्य और उसके ‘लल्ला' हैं. वह उनके साथ खाना-पीना, खेलना और समय बिताना पसंद करती है.

satna private school laddu gopal admission: आयुषी बोली- 'हमारा लल्ला बहुत नटखट है'.
Photo Credit: ज्ञान शुक्ला
मासूम आयुषी बोली- हमारा लल्ला बहुत नटखट
'लल्ला' के साथ ही गुजरता है आयुषी अधिकांश समय
आयुषी की मां रेखा पाण्डेय NDTV को बताती हैं कि बेटी का लड्डू गोपाल से लगाव बचपन से ही बेहद गहरा है. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक उसका अधिकांश समय 'लल्ला' के साथ गुजरता है. वह उन्हें खिलाती है, उनके साथ समय बिताती है और उनकी देखभाल परिवार के किसी सदस्य की तरह करती है. रेखा बताया कि स्कूल जाने के समय आयुषी लड्डू गोपाल को भी अपने साथ ले जाने की जिद करती थी. बाद में उसकी जिद और भाव को देखते हुए हमें कान्हां जी का स्कूल में प्रवेश कराया है.

Ayushi Pandey Satna Laddu Gopal Bhakti: भगवान कृष्ण का एडमिशन फार्म.
Photo Credit: ज्ञान शुक्ला
पहले इनकार, फिर मान गया स्कूल प्रबंधन
लड्डू गोपाल को सहपाठी मानते हैं बच्चे
स्कूल में लड्डू गोपाल की मौजूदगी दूसरे बच्चों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है. बच्चे उन्हें एक तरह से अपने सहपाठी की तरह देखते हैं. मोबाइल और गैजेट्स के दौर में आयुषी का अपने ‘लल्ला' के प्रति यह लगाव भारतीय संस्कारों और बाल मन की सहज आस्था की अलग तस्वीर पेश करता है.
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