- ग्वालियर में एक परिवार के साथ इंस्टाग्राम विज्ञापन पर क्लिक करते ही मोबाइल हैंग होने के बाद साइबर ठगी हुई.
- मोबाइल हैंग होने के कारण परिवार ने फोन को मोबाइल दुकान पर दिखाया जहां फोन को पुनः चालू कराया गया था.
- परिवार को बैंक खाते से पैसे निकाले जाने की जानकारी तब हुई जब रात में बैंक से बैलेंस कम होने का मैसेज आया.
एमपी के ग्वालियर में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. इंस्टाग्राम चलाते समय एक विज्ञापन पर क्लिक करना एक परिवार को भारी पड़ गया. विज्ञापन खुलते ही मोबाइल हैंग हो गया और कुछ ही घंटों के भीतर बैंक खाते से तीन बार में 98 हजार रुपये निकाल लिए. परिवार को इस ठगी की जानकारी तब हुई, जब अगले दिन बैंक खाते में किस्त कटने से पहले बैलेंस कम होने का मैसेज आया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखते ही हैंग हुआ फोन
पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के रुद्रपुरा निवासी जयप्रताप सिंह बाथम ने पुलिस को बताया कि 11 अगस्त 2026 को उनकी पत्नी रचना बाथम अपने मोटोरोला मोबाइल पर इंस्टाग्राम चला रही थीं. इसी दौरान स्क्रीन पर एक विज्ञापन दिखाई दिया. विज्ञापन पर क्लिक करते ही मोबाइल अचानक हैंग हो गया. फोन का कोई भी फंक्शन काम नहीं कर रहा था और उसे बंद भी नहीं किया जा सका.
दुकान पर जाकर चालू कराया मोबाइल
मोबाइल के लगातार हैंग रहने के कारण जयप्रताप उसे लेकर पुरानी छावनी चौराहे स्थित एक मोबाइल दुकान पर पहुंचे. वहां दुकानदार ने किसी तरह फोन को बंद कर दोबारा चालू कर दिया. उस समय तक परिवार को यह अंदाजा नहीं था कि मोबाइल के साथ कोई साइबर ठगी भी हो चुकी है.
रात में आया मैसेज, तब हुआ शक
मोबाइल दोबारा चालू होने के बाद रात करीब 12 बजे जयप्रताप के फोन पर बैंक किस्त से जुड़ा एक मैसेज आया. जब उन्होंने अपने खाते की जानकारी जांची तो खाते का बैलेंस माइनस 2970 रुपये दिखाई दिया. यह देखकर वह हैरान रह गए. उन्होंने पत्नी से पूछा कि क्या किसी को पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, लेकिन पत्नी ने साफ तौर पर इससे इनकार कर दिया.
पीड़ित के अनुसार उनके बैंक खाते में लगभग एक लाख रुपये जमा थे. अचानक पूरा पैसा गायब हो जाने के बाद परिवार के होश उड़ गए. उन्हें समझ नहीं आया कि रकम कब और कैसे निकाली गई. इसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई.
तीन ट्रांजैक्शन में निकाले गए 98 हजार रुपये
अगले दिन जयप्रताप बैंक शाखा पहुंचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया. स्टेटमेंट में सामने आया कि यूपीआई के माध्यम से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 98 हजार रुपये खाते से निकाल लिए गए थे. यह रकम किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ट्रांसफर की गई थी.
बैंक में शिकायत दर्ज कराने के बाद जयप्रताप 16 अगस्त को पुरानी छावनी थाने पहुंचे और लिखित रिपोर्ट दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच साइबर सेल को सौंप दी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद मोबाइल कैसे हैक हुआ और ठगों ने खाते तक पहुंच कैसे बनाई.
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