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अमेरिका में 70 करोड़ की ठगी का गुजरात कनेक्‍शन, CBI ने अहमदाबाद से अंकित को क्‍यों पकड़ा? 

अमेरिकी नागरिकों से 70 करोड़ ($7.21 मिलियन डॉलर) की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी अंकित पांडे को सीबीआई ने गुजरात से गिरफ्तार किया है. आरोपी में अहमदाबाद में अवैध कॉल सेंटर चला रहा था, जो अमेरिका नागरिकों से ठगी करने का जरिया था.

अमेरिका में 70 करोड़ की ठगी का गुजरात कनेक्‍शन, CBI ने अहमदाबाद से अंकित को क्‍यों पकड़ा? 
अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले गिरोह को अहमदाबाद से ऑपरेट किया जा रहा था. (फाइल फोटो)

अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सीबीआई ने खुलासा किया है. सीबीआई ने गुजरात के अहमदाबाद से चल रहे अवैध कॉल सेंटर से जुड़े मुख्य आरोपी अंकित सतीशचंद्र पांडे को गिरफ्तार किया है. सीबीआई के अनुसार, ठगी का यह नेटवर्क साल 2024 से अहमदाबाद से ऑपरेट किया जा रहा था. इसके जरिए अमेरिकी नागरिकों को अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर ठगा जाता था. इस ग‍िरोह द्वारा अमेरिकी नागरिकों से करीब 70 करोड़ रुपये ($7.21 मिलियन डॉलर) की ठगी की बात सामने आई है. 

सीबीआई ने इस मामले में 8 सितंबर 2026 को केस दर्ज किया था. जांच में सामने आया कि आरोपी अंकित सतीशचंद्र पांडे और उसके साथी अमेरिका में बैठे लोगों को VoIP कॉल के जरिए बात करते थे और खुद को फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC), US Attorney, क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) और दूसरी अमेरिकी संघीय एजेंसियों का अधिकारी बताते थे. 

लोगों को ऐसे धमकाते थे 

इस दौरान अमेरिकी नागरिकों को अलग-अलग तरह से धमकाया जाता था. उनसे कहा जाता था क‍ि उनके कंप्यूटर का इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया है. इसी तरह के सीरियस क्राइम का झांसा देकर सरकारी अधिकारी बनकर आरोपियों की तरफ से पीड़ितों को कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया जाता था. 

रुपये की जगह पीड़ितों से सोना भी लिया गया     

सीबीआई के अनुसार, इस साइबर फ्रॉड में ठग सिर्फ बैंक ट्रांसफर तक सीमित नहीं रहते थे. पीड़ितों के झांसे में आने के बाद आरोपी उन्‍हें बताते क‍ि उनके बैंक खातों में मौजूद रुपये सुरक्षित नहीं हैं, उन्हें अपना पैसा निकाल होगा. इसके बाद पीड़ितों से बैंक खातों में जमा रुपये निकलवाए जाते थे. कई मामलों में उनसे बैंक से पैसा निकलवाकर सोना भी खरीदने को कहा गया.  

7.21 मिलियन अमेरिकी डॉलर, करीब 70 करोड़ की ठगी 

इसके बाद अमेरिका में मौजूद आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े कूरियर सोना लेने के लिए पीड़ितों के पास पहुंचते थे. इस तरीके से ठगी की रकम सोने के रूप में आरोप‍ियों तक पहुंचती. सीबीआई का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क ने अमेरिकी नागरिकों से 7.21 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 70 करोड़ रुपये) से ज्यादा की रकम ठगी की है. 

अब इन सवालों के जवाब तलाश रही सीबीआई?

जांच एजेंसी का कहना है कि यह एक बड़े स्तर पर चलाया जा रहा ट्रांसनेशनल साइबर फ्रॉड सिंडिकेट था. जांच में अहमदाबाद में चल रहे अवैध कॉल सेंटर की जानकारी सामने आने के बाद कई ठिकानों पर छापा मारा गया. सर्च में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं. अवैध कॉल सेंटर बनाने में गिरफ्तार किए गए आरोपी अंकित सतीशचंद्र पांडे की अहम भूमिका निभा है. उससे पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है क‍ि पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. अहमदाबाद में कॉल सेंटर का संचालन कैसे होता था और अमेरिका में मौजूद कूरियर नेटवर्क से आरोपियों का संपर्क किस तरह था.

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