- MP के पूर्वी जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, कई इलाकों में घरों तक पहुंचा पानी.
- बरगी डैम के गेट खुलने से नर्मदा का बढ़ा जलस्तर, आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा.
- डिंडोरी-मंडला हाईवे बंद और स्कूलों की छुट्टी घोषित, 25 अगस्त तक भारी बारिश का IMD अलर्ट जारी.
मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात हैं. नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर हैं. बाढ़ का सिलसिला शुक्रवार को भी बना हुआ है. एमपी के जिन-जिन रिहायशी इलाकों में पानी घुस रहा है, वहां प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना, नरसिंहपुर, और छतरपुर जिलों में सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है. सुरक्षा को देखते हुए मैहर और डिंडोरी में स्कूल बंद कर दिए हैं. डिंडोरी में आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद हैं और जिला प्रशासन अलर्ट पर है.
रीवा जिले में हालात सबसे खराब हैं. शुक्रवार तक के आंकड़ों के अनुसार, 27 राहत शिविरों में करीब 3,000 लोगों को रखा गया है. अब तक बाढ़ में फंसे 4,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है. राजस्व अधिकारी, पुलिस और रेस्क्यू टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं.

रीवा में घरों में घुस रहा पानी.
बरगी डैम से छोड़ा गया पानी
उधर, जबलपुर जिले में स्थित बरगी बांध के गेट खोल दिए गए हैं. बारिश के चलते डैम का जलस्तर बढ़ गया है. शुक्रवार सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 421.50 मीटर था, जबकि लाइव स्टोरेज 2870 एमसीएम यानी 90.25 प्रतिशत पहुंच गया. जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बरगी बांध के सभी 13 गेट औसतन 2.15 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए हैं. गेटों से 3988 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है. इसके अलावा आरबीपीएच से 208, सीएचपीएच से 19, एलबीएमसी से 2 और आरबीएमसी से 20 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है. बांध से कुल 4237 क्यूमेक डिस्चार्ज हो रहा है, जबकि नर्मदा नदी में कुल 4196 क्यूमेक पानी पहुंच रहा है.

बरगी बांध के दरवाजे खुले.
नरसिंहपुर में नर्मदा का बढ़ रहा जलस्तर
उधर, बरगी डैम के गेट खोलने से नर्मदा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है. नरसिंहपुर जिले के बरमान में सीढ़ी घाट और रेत घाट को जोड़ने वाला ब्रिज डूब गया है. बरमान में नदी लगातार उफान पर है. जिले में गुरुवार रात से लगातार बारिश की वजह से जनजीवन अस्तव्यस्त हो रखा है.

मऊगंज में अष्टभुजा नदी उफान पर
मऊगंज में अष्टभुजा नदी उफान पर है. नदी का पानी नैगढ़ी गांव तक पहुंच गया. अमृत योजना के तहत निर्माण कार्य कर रहे चार मजदूर फंस गए. इनमें से एक मजदूर तेज बहाव में बह गया.

डिंडोरी-मंडला स्टेट हाईवे बंद, स्कूलों की छुट्टी
डिंडोरी में खेरमेर नदी के बढ़ने से डिंडोरी-मंडला स्टेट हाईवे बंद करना पड़ा. पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. एहतियात के तौर पर 12वीं तक के सभी स्कूल बंद किए गए हैं. पन्ना में भी इसी तरह के कदम उठाए गए हैं. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी वहां के बाजार तक पहुंच गया है. गोदावरी गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है.
मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि मध्य प्रदेश में 25 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा. पूर्वी हिस्से में भारी बारिश की संभावना ज्यादा है. इसके बाद बारिश धीरे-धीरे मध्य और पश्चिम-मध्य हिस्सों में भी बढ़ेगी.
एमपी में 599 मिलीमीटर बारिश हुई
अब तक के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में 599 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 675.1 मिलीमीटर है. यानी कुल 11 प्रतिशत की कमी है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत और पश्चिमी एमपी में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इसकी वजह पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र और मॉनसून ट्रफ है.
ये भी पढ़ें- Ground Report: वाराणसी के घाट डूबे, छतों पर हो रहा अंतिम संस्कार, गंगा-यमुना उफान पर... UP में बाढ़ से तबाही
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं