झारखंड में रोजगार की तलाश में विदेश जाने वाली महिलाओं के असुरक्षित पलायन और मानव तस्करी का एक मामला सामने आया है. बेटी को बेहतर जिंदगी देने का सपना हर मां देखती है. लेकिन रांची के छोटा घाघरा की रहने वाली 37 वर्षीय मोनिका कच्छप को जिस उम्मीद के साथ विदेश भेजा था, आज वही उम्मीद चिंता और बेबसी में बदल गई है.
बेटी को अच्छी नौकरी, भोजन और रहने की सुविधा का भरोसा दिया गया था. मां को लगा था कि बेटी विदेश में मेहनत कर अपना भविष्य संवारेगी. लेकिन आरोप है कि नौकरी के इस सुनहरे सपने के पीछे ऐसा जाल बिछा था, जिसमें फंसकर मोनिका आज दुबई में असहाय स्थिति में है.
मां का आरोप है कि बेटी का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया, उससे घरेलू काम कराया जा रहा है और भारत लौटने की बात करने पर धमकियां दी जा रही हैं. अब मां की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ इतनी है कि उसकी बेटी किसी तरह सुरक्षित अपने घर लौट आए.
बेटी मोनिका की स्थिति को लेकर माता-पिता बेहद परेशान हैं और उसकी सुरक्षित भारत वापसी के लिए सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगा रहे हैं.
रांची के एयरपोर्ट थाना में FIR दर्ज
यह मामला रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र का है. रतना कच्छप की शिकायत पर 29 सितंबर 2026 को FIR दर्ज की गई है. शिकायत में दुबई और अजमान में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी, मानव तस्करी, बंधक बनाने, जबरन काम कराने और रंगदारी मांगने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
रतना कच्छप ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय के माध्यम से अपनी बेटी को जल्द भारत वापस लाने की गुहार लगाई है.
मामले में प्रियंका, रितेश, मोहम्मद मेराज अंसारी और AMD Trend Solution LLC के अन्य प्रबंधकों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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5 हजार लेकर भेजा, शारजाह पहुंचते ही पासपोर्ट छीना
शिकायत के अनुसार, रतना कच्छप की बड़ी बेटी मोनिका कच्छप, उम्र करीब 37 वर्ष, विदेश में नौकरी की तलाश में थी.
इसी दौरान ऑनलाइन माध्यम से AMD Trend Solution LLC नामक एजेंसी और उसकी कथित एजेंट प्रियंका से संपर्क हुआ. मोनिका को विदेश में नौकरी, भोजन और आवास की सुविधा देने का भरोसा दिया गया.
आरोप है कि 22 अप्रैल 2026 को मोनिका ने प्रियंका के बताए खाते में फोनपे के माध्यम से 5 हजार रुपये भेजे. उसे बताया गया कि आगे की यात्रा और टिकट की व्यवस्था एजेंसी करेगी.
इसके बाद 5 मई को दिल्ली एयरपोर्ट से शारजाह जाने के लिए मोनिका रवाना हुई. 6 मई को शारजाह पहुंचने पर एजेंसी की ओर से भेजे गए वाहन के चालक ने उसका मूल पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया.

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अरबी में लिखे कागज पर साइन कराया
शिकायत में बताया गया है कि 7 मई को मोनिका को अजमान स्थित एजेंसी के दफ्तर ले जाया गया. वहां रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नामक व्यक्तियों ने अरबी भाषा में लिखे दस्तावेजों पर दबाव डालकर दस्तखत और अंगूठे के निशान लिए.
मोनिका अरबी भाषा नहीं जानती थी. ऐसे में उन दस्तावेजों में क्या लिखा था, यह भी उसके लिए समझना मुश्किल था. उसका मोबाइल लेकर प्रियंका के साथ हुई वॉट्सऐप चैट भी डिलीट कर दी गई.
इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उसे बताया गया कि उसने 2600 दिरहम का कर्ज लिया है. 25 मई तक रकम नहीं चुकाने पर जेल भेजने की धमकी दी गई.
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परिवार की हालत बदलने का था सपना
मोनिका ने रांची के बुंडू से करीब साढ़े तीन साल का नर्सिंग कोर्स किया था. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और खेती-बाड़ी से घर का गुजारा चलता है.
परिवार का कहना है कि नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मोनिका नौकरी कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहती थी. इसी दौरान उसकी ऑनलाइन माध्यम से AMD Trend Solution LLC नाम की एजेंसी और एजेंट प्रियंका से संपर्क हुआ.
पुलिस ने क्या कहा?
एयरपोर्ट थाना प्रभारी पंकज कुमार ने NDTV से बातचीत में बताया कि मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय को पत्र के माध्यम से मामले की जानकारी दी गई है. साथ ही, दिल्ली से भी इस मामले में जरूरी मदद मांगी गई है.
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