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Basant Panchami: भोजशाला परिसर में आज सरस्वती पूजा और जुमे की नमाज साथ-साथ, 6000 से अधिक पुलिस फोर्स की होगी तैनाती

Bhojshala Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि भोजशाला में बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा और जुमे की नमाज भी अदा की जाएगी. कोर्ट ने नमाज पढ़ने का समय दोपहर 1 बजे से दोपहर 3 बजे तक और मां सरस्वती की पूजा के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की है.

Basant Panchami: भोजशाला परिसर में आज सरस्वती पूजा और जुमे की नमाज साथ-साथ, 6000 से अधिक पुलिस फोर्स की होगी तैनाती
MAA SARASWATI PUJA AND JUMA KI NAMAZ WILL BE PERFORMED IN BASANT PANCHAMI AT BHOJSHALA

Supreme Court Order: धार स्थित भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बीच 6000 से अधिक पुलिस फोर्स की निगरानी में आज बसंत पंचमी पर्व पर भोजशाला परिसर में मां सरस्वती की पूजा और जुमे की नमाज एक साथ अदा की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए प्रशासन ने भोजशाला परिसर में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के इंतजाम किए हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि भोजशाला में बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा और जुमे की नमाज भी अदा की जाएगी. कोर्ट ने नमाज पढ़ने का समय दोपहर 1 बजे से दोपहर 3 बजे तक और मां सरस्वती की पूजा के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की है.

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सरस्वती पूजा और जुमे के नमाज के लिए प्रशासन जगह निर्धारित करेगा

मामले पर सुनवाई करते हुए CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली ने अपने आदेश में कहा है कि प्रशासन भोजशाला परिसर में मां सरस्वती की पूजा और जुमे के नमाज के लिए अलग-अलग जगह निर्धारित करेगा. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि पूजा और नमाज के लिए लोगों को विशेष पास की व्यवस्था की जाएगी.

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शुक्रवार के दिन बसंत पंचमी पड़ने की वजह से केस कोर्ट पहुंच गया था

गौरतलब है शुक्रवार को बसंत पंचमी का दिन पड़ने की वजह से मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था. हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस (HFJ) की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन ने 2 जनवरी को याचिका दायर की थी और मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट के सामने अर्जेंट सुनवाई के लिए अनुरोध किया था और सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूजा और नमाज दोनों की इजाजत दी.

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भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर में सरस्वती पूजा औऱ जुमे के नमाज को लेकर आसपास सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), LiDAR और 3D मैपिंग का इस्तेमाल कर रही है.

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6,461 पुलिस फोर्स की निगरानी में भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज 

भोजशाला परिसर में आज होने मां सरस्वती की पूजा और जुमे के नमाज के लिए धार जिला प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा का इंतजाम किया गया है.  शहर के हर कोने की 3D मैपिंग पूरी कर ली गई है, ताकि पुलिस कंट्रोल रूम से छतों, संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की लाइव निगरानी की जा सके.

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एआई ड्रोन करेंगे परिसर की निगरानी, 1500 से अधिक रिजर्व हैं जवान

रिपोर्ट के मुताबिक शहर में 6,461 पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं. इनमें 13 एसपी रैंक अधिकारी, 25 एएसपी, 67 डीएसपी/सीएसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं.  20 से अधिक एआई ड्रोन परिसर की निगरानी करेंगे. इसके अलावा 933 महिला पुलिसकर्मी और 8 RAF प्लाटून भी मोर्चे पर हैं. 1,500-2,000 अतिरिक्त जवान रिजर्व में रखे गए हैं.

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राष्ट्रीय स्मारक घोषित भोजशाला में आम नागरिकों के प्रवेश पर साल 1997 में प्रतिबंध लगाया गया. इससे पहले साल 2003 में भी हिंदुओं को मंगलवार और बसंत पंचमी के दिन पूजा और मुस्लिम समाज को शुक्रवार को दोपहर 1-3 बजे नमाज की इजाजत दी गई.
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धार भोजशाला का इतिहास

  • 1034 में राजा भोज ने कराया भोजशाला निर्माण 
  • 1456 में महमूद खिलजी ने भोजशाला को ढहाकर मकबरा बनाया 
  • 1933 में राजा आनंद राव की तबीयत बिगड़ी तो मुस्लिम समाज को नजाम की अनुमति मिली 
  • 1902 में हुए सर्वे में भोजशाला में हिंदू चिन्ह, संस्कृत के शब्द आदि पाए गए, लॉर्ड कर्जन ने रखरखाव के लिए 50 हजार रुपये मंजूर किए 
  • 1951 में भोजशाला को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया   
  • 1997 में भोजशाला में आम नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया 
  • 2003 में हिंदुओं को मंगलवार और बसंत पंचमी के दिन पूजा और मुस्लिम समाज को शुक्रवार को दोपहर 1-3 बजे नमाज की इजाजत दी गई.

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