- दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद मुख्यमंत्री निवास में हाईलेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी.
- बैठक में प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत प्रस्तुत किए जो भीतरघात के संकेत देते हैं.
- दतिया और बरौनी क्षेत्र के कई पार्षदों पर पार्टी के खिलाफ काम करने और हार में भूमिका निभाने के आरोप लगे हैं.
दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी अब कारणों की गहराई से पड़ताल करने में जुट गई है. भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में हुई हाईलेवल समीक्षा बैठक में चुनावी हार के पीछे की वजहों पर विस्तार से चर्चा की गई. सूत्रों के अनुसार बैठक में भीतरघात का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा.
भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तथ्यों के साथ बैठक में पहुंचे, जिन्हें समीक्षा के दौरान सामने रखा. वहीं, बैठक में दतिया और बरौनी क्षेत्र के कई पार्षदों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं. पार्टी ने दतिया हार की समीक्षा के लिए दो सदस्य समिति का गठन किया. भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और अंबाराम कराड़ा हार की समीक्षा करेंगे.
सीएम हाउस में हुई हाईलेवल समीक्षा बैठक
दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद मुख्यमंत्री निवास में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन की भूमिका और स्थानीय स्तर पर सामने आई चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई. सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व हार की वास्तविक वजहों को जानने के लिए हर पहलू की बारीकी से समीक्षा कर रहा है.
आशुतोष तिवारी ने रखे सबूत और ऑडियो रिकॉर्डिंग
सूत्रों के मुताबिक भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी बैठक में कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग लेकर पहुंचे थे. समीक्षा के दौरान उन्होंने इन्हें नेताओं के सामने रखा. बताया जा रहा है कि इन रिकॉर्डिंग और तथ्यों में चुनाव के दौरान संगठन और स्थानीय स्तर पर हुई गतिविधियों से जुड़े कुछ गंभीर संकेत मिले हैं. बैठक में इन बिंदुओं पर काफी देर तक चर्चा हुई.

भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और अंबाराम कराड़ा हार की समीक्षा करेंगे.
पार्षदों पर भीतरघात के आरोप
मीक्षा बैठक में जो तथ्य सामने आए, उनमें सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा भीतरघात का रहा. सूत्रों के अनुसार दतिया और बरौनी क्षेत्र के अधिकांश पार्षदों पर चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करने के आरोप लगे हैं. बैठक में दावा किया कि कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रत्याशी को हराने में अहम भूमिका निभाई. इन आरोपों पर भी विस्तृत चर्चा की गई और संबंधित जानकारियां दर्ज की गईं.
शीर्ष नेतृत्व को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
बैठक में हुई चर्चा और सामने आए तथ्यों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक यह रिपोर्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भेजी जाएगी. साथ ही कुछ अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का फैसला भी केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया है. अंतिम निर्णय शीर्ष स्तर पर ही लिया जाएगा.
मंत्रियों ने साधी चुप्पी
बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री निवास से डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और मंत्री धर्मेंद्र लोधी सहित कई मंत्री बाहर निकले. हालांकि किसी भी नेता ने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया. सभी नेताओं ने चुप्पी बनाए रखी और सीधे अपनी गाड़ियों में बैठकर रवाना हो गए. कई मंत्री कार के शीशे बंद करके बाहर निकले, जिससे बैठक की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
हेमंत खंडेलवाल और आशुतोष तिवारी देर तक रहे मौजूद
बैठक खत्म होने के बाद जहां अधिकांश मंत्री और नेता मुख्यमंत्री निवास से निकल गए, वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और आशुतोष तिवारी देर तक अंदर मौजूद रहे. सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं ने समीक्षा से जुड़े कुछ मुद्दों पर अलग से चर्चा की.
जिला कार्यकारिणी पर भी लटक सकती है तलवार
सूत्रों की मानें तो दतिया भाजपा जिला कार्यकारिणी पर भी कार्रवाई की संभावना बन रही है. संगठन के भीतर यह चर्चा तेज है कि हार के बाद जिला कार्यकारिणी को भंग किया जा सकता है. हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व की रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय के बाद संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
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