दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 की कॉकपिट में ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को लेकर एक नया खुलासा हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि वह फिदायीन आतंकी था. इटैलियन अखबार 'कोरिएरे डेला सेरा' ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ओमानी को-पायलट भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की हत्या करना चाहता था और विमान को तेल अवीव की एक इमारत में क्रैश करना चाहता था.
अखबार ने यह भी दावा किया है कि को-पायलट ने फ्लाइट के दोनों इंजन बंद कर दिए थे. उसने जो प्लान बनाया था, अगर उसमें वह कामयाब हो जाता तो 9/11 जैसी घटना हो सकती थी.
इस रिपोर्ट के आने के बाद अब इस बात की आशंका और भी बढ़ गई है कि क्या हमाम अल-हम्मामी अल-कायदा का फिदायीन आतंकी था? अल-कायदा वही आतंकी संगठन है, जिसकी कमान कभी ओसामा बिन लादेन संभालता था. अल-कायदा ने ही अमेरिका में 9/11 की घटना को अंजाम दिया था.
ओमानी को-पायलट का क्या था इरादा?
ओमानी पायलट हमाम अल-हम्मामी पूरी तैयारी के साथ आया था. उसका मकसद विमान को यात्रियों समेत इमारत से क्रैश करना था. वह भारतीय कैप्टन की हत्या करना चाहता था.
अखबार ने जांच का हवाला देते हुए बताया है कि अल-हम्मामी को कट्टरपंथी विचारों के कारण ओमान एयर और एयर मोरक्को से निकाल दिया गया था.
अखबार ने लिखा कि उसने कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित मच्छार की हत्या करने की योजना बनाई थी, ताकि कैप्टन को प्लेन में जो कुछ हो रहा है उसकी जानकारी देने का मौका न मिले. वह कैप्टन की हत्या कर प्लेन को अपने फुल कंट्रोल में लेना चाहता था.
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि तेल अवीव के बीचो-बीच प्लेन को क्रैश करना चाहता था. वह यह सब इस तरह से करना चाहता था कि इजरायली वायुसेना के लड़ाकू विमानों को उड़ान भरने और प्लेन को रोकने का समय न मिल पाए.
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क्या अल-कायदा का फिदायीन आतंकी था?
हमाम अल-हम्मामी को लेकर अब तक जो कुछ सामने आया है, उससे पता चलता है कि वह अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित था. वह कट्टर मुस्लिम था. उसे महिलाओं का काम करना भी पसंद नहीं था. और न ही वह महिलाओं से बातचीत करता था.
CNN ने अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि हम्मामी ने अल-कायदा और उसके आतंकियों की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं.
CNN के मुताबिक, 30 सितंबर को फ्लाईदुबई में हुई घटना के 9 घंटे बाद हम्मामी कि लिंक्डइन प्रोफाइल में दो वीडियो पोस्ट हुए थे. एक वीडियो में इजरायली प्लेन को जूम करके दिखाया गया था.
जबकि, दूसरे वीडियो के आखिरी में अयमान अल-जवाहिरी की फोटो होती है. लादेन की मौत के बाद अल-जवाहिरी ने ही अल-कायदा की कमान संभाली थी. इसी वीडियो में अल-कायदा के फिदायीन आतंकी हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की फोटो भी थी, जिसने 2009 में अफगानिस्तान में एक आत्मघाती हमले में 8 अमेरिकियों की जान ले ली थी.
इतना ही नहीं, अल-हम्मामी ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट में जो किया, भले ही वह उसमें कामयाब न हो पाया हो लेकिन अल-कायदा ने उसकी तारीफ की है.
अल-कायदा ने अपने माउथपीस 'अल बयान' में एक लेख लिखा है. इसमें 9/11 हमले की तस्वीर के साथ-साथ फ्लाईदुबई की घटना से जुड़ी एक तस्वीर छापी गई है. इसमें अपने समर्थकों से अपील की गई है कि वे उन विमानों को निशाना बनाएं जिनमें अमेरिकी, इजरायली या ऐसे लोग हों जो इस्लाम को अपना दुश्मन मानते हैं.
नमाज की आड़ में कैप्टन पर हमला
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में कॉकपिट के अंदर की पूरी कहानी बताई है.
उन्होंने बताया कि को-पायलट ने नमाज पढ़ने को कहा. वह नमाज पढ़ने गया और फिर 4-5 मिनट पर मेरे सिर के पिछले हिस्से पर जोर का वार हुआ. मुझे पहले लगा कि विमान को कुछ नुकसान हुआ लेकिन उसके बाद लगातार वार होते रहे, तब समझ आया कि यह विमान नहीं, बल्कि को-पायलट है.
उन्होंने बकाया कि शुरुआत में उन्होंने इसे रोकने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती हमलों की वजह से कुछ दिख नहीं रहा था.
कैप्टन स्मित मच्छार ने नेतन्याहू को बताया कि उन्होंने एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की थी लेकिन को-पायलट ने शायद उसे बंद कर दिया था. फिर उन्होंने सोचा कि अगर कुछ नहीं किया तो सब मारे जाएंगे. फिर उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी.
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