CG Dhan Ghotala: छत्तीसगढ़ के कवर्धा (Kawardha) जिले के धान संग्रहण केंद्रों से करीब 8 करोड़ रुपये मूल्य का धान गायब होने और जिम्मेदार अधिकारी के बेतुके बयान के बाद यह मामला अब राजनीतिक सियासत का केंद्र बन गया है. इस गंभीर मुद्दे को सबसे पहले NDTV मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ ने प्रमुखता से उठाया था. इसके बाद इसे बड़ा धान घोटाला (Dhan Ghotala) मानते हुए कांग्रेस (Congress) ने कवर्धा में अनोखा विरोध प्रदर्शन (Protest) किया. NDTV रिपोर्टर सतीश पात्रे ने इस पूरे मामले को कवर किया. जानिए कैसा रहा प्रदर्शन.

Dhan Ghotala: कांग्रेस का प्रदर्शन
चूहा पकड़ने की जाली लेकर पहुंचे कांग्रेसी
कांग्रेस कार्यकर्ता धान संग्रहण केंद्र से करोड़ों रुपये के धान को चूहा और दीमक खा जाने के दावे के विरोध में चूहा पकड़ने की जाली लेकर डीएमओ कार्यालय पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विपणन अधिकारी को प्रतीकात्मक रूप से चूहा पकड़ने की जाली भेंट की.
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यह पूरा मामला कवर्धा जिले के उपार्जन केंद्र बाजार चारभाठा और बघर्रा से जुड़ा हुआ है. जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान में भारी कमी सामने आई है.
- उपार्जन केंद्र बाजार चारभाठा में कुल 6,46,000 क्विंटल धान संग्रहित किया गया था, जिसमें से 6,24,000 क्विंटल का उठाव हुआ. यहां 22,000 क्विंटल (लगभग 3.5 प्रतिशत) धान की कमी पाई गई.
- वहीं, बघर्रा संग्रहण केंद्र में 1,57,000 क्विंटल धान संग्रहित किया गया था, जिसमें से 1,53,000 क्विंटल का उठाव हुआ और 4,000 क्विंटल (लगभग 2.98 प्रतिशत) की कमी सामने आई.
- इस तरह दोनों केंद्रों को मिलाकर कुल 26,000 क्विंटल धान की कमी पाई गई. यदि इस धान की कीमत सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य और बोनस राशि 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से आंकी जाए, तो यह राशि 8 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है.
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस जिलाध्यक्ष नवीन जायसवाल और किसान नेता रवि चंद्रवंशी ने विपणन अधिकारी को चूहा पकड़ने की जाली सौंपते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार जानबूझकर किया गया है और इसमें कई लोगों की मिलीभगत है. उन्होंने मांग की कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, लेकिन आरोप लगाया कि स्थानीय मंत्री और विधायक जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं.
वहीं, इस पूरे मामले की शिकायत पहले ही दर्ज की जा चुकी है, जिसकी जांच जारी है. प्रारंभिक जांच में शिकायत को सही पाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जिस अधिकारी के प्रभार में यह मामला था, प्रीतेश पांडे को हटा दिया गया है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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