Chhattisgarh Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के भलेरा धान खरीदी केंद्र (Chhattisgarh Dhan Kharidi Kendra) से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां केंद्र में रखे सूखे धान पर एक कर्मचारी पानी डालता दिखाई दिया. घटना का वीडियो वायरल (Bhilera Dhan Kharidi Kendra Viral Video) होने के बाद प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए सहकारी समिति के चार कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है. वीडियो में कर्मचारी को सूखे धान पर पाइप से पानी डालते देखा गया. आशंका है कि खरीदी केंद्र के कर्मचारियों ने धान का वजन बढ़ाने के लिए उसे भिगोने की कोशिश की, ताकि वजन अधिक दिखे और लाभ उठाया जा सके. घटना सामने आते ही प्रशासन और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई.

Chhattisgarh Dhan Kharidi: वायरल वीडियो में पानी डालता दिखा कर्मचारी
प्रशासन की कार्रवाई
अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने कहा कि वायरल वीडियो की प्रारंभिक जांच में दोषी पाए गए कर्मचारियों विष्णु साहू (प्रभारी समिति प्रबंधक), उमेश कुमार साहू (लिपिकीय सहायक), इन्द्रमान निषाद (प्रोसेस सर्वर) और जितेन्द्र साहू (दैनिक वेतनभोगी) की तत्काल सेवा समाप्त कर दी गई है. कुछ अन्य कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरत पड़ी तो FIR भी दर्ज की जाएगी.

Chhattisgarh Dhan Kharidi: धान खरीदी पर उठे सवाल
धान खरीदी केंद्रों में गड़बड़ी का यह पहला मामला नहीं, पिछले सीजनों में भी बड़े घोटाले सामने आए
- केस–1: कवर्धा : कवर्धा के बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में 6 लाख 46 हजार क्विंटल धान कम पाया गया था. तर्क दिया गया कि धान चूहे खा गए, जिससे लगभग 7 करोड़ रुपये का नुकसान सामने आया.
- केस–2: महासमुंद : महासमुंद जिले के तीन केंद्रों में 18 करोड़ रुपये से अधिक के धान का शॉर्टेज मिला. इसमें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे.
इन घटनाओं के बाद अब आरंग का नया मामला फिर से सवाल खड़े करता है कि धान खरीदी केंद्रों में धान कितना सुरक्षित है?

Chhattisgarh Dhan Kharidi: धान खरीदी केंद्रों का हाल
सियासत गर्म कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा “कर्मचारी धान को इसलिए भिगो रहे हैं क्योंकि सरकार धान का उठाव नहीं कर रही. गर्मी में धान सूख रहा है, लेकिन सरकार ने सुखत के नियम बना दिए, जिससे जिम्मेदारी कर्मचारियों पर डाल दी गई है.जब धान सूख जाएगा और वजन कम होगा तो जवाब कर्मचारियों को देना पड़ेगा, इसलिए वे पानी डाल रहे हैं.”उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह से कर्मचारियों के भरोसे धान को छोड़ चुकी है.

Chhattisgarh Dhan Kharidi: धान खरीदी केंद्रों का हाल
भाजपा का जवाब “सरकार हर मोर्चे पर काम कर रही है”
छत्तीसगढ़ भाजपा प्रवक्ता गौरी शंकर श्रीवास ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा “धान और किसान को लेकर सरकार गंभीर है.”“जांच में दोषी कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई की गई है.”उन्होंने कहा कि यह मामला किसी राजनीतिक रंग देने का नहीं, बल्कि सुधार और कार्रवाई का है.
धान खरीदी पर राजनीति का असर क्या होगा?
छत्तीसगढ़ में धान हमेशा से राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा है. धान खरीदी केंद्रों में गड़बड़ी, वजन हेराफेरी, मिलिंग में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे हर चुनाव में सुर्खियों में रहते हैं. वर्तमान मामले के बाद प्रदेश में प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्टाचार, किसानों की परेशानी और सरकारी निगरानी को लेकर बहस फिर तेज हो गई है. आगे यह मामला प्रदेश की राजनीति को किस दिशा में ले जाएगा—यह आने वाले दिनों में साफ होगा.
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