विज्ञापन

3 साल की बेटी पर झपटा तेंदुआ तो पिता बन गया ढाल, पीछे से दबोचा ! वन विभाग के ड्रोन-पिंजरे भी रहे थे बेअसर

छत्तीसगढ़ के धमतरी में 3 साल की बेटी पर तेंदुआ झपटा तो पिता सुरेश मरकाम ने पीछे से उसे दबोच लिया. इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर तेंदुए को काबू कर लिया.ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुआ कई लोगों पर हमला कर चुका था.

3 साल की बेटी पर झपटा तेंदुआ तो पिता बन गया ढाल, पीछे से दबोचा !  वन विभाग के ड्रोन-पिंजरे भी रहे थे बेअसर
Dhamtari Leopard Attack: तेंदुए ने जब बच्ची पर हमला किया तो ग्रामीणों ने उसे ऐसे काबू किया.
पूनम शुक्ला

छत्तीसगढ़ के धमतरी में तीन दिनों से दहशत का दूसरा नाम बने तेंदुए को आखिरकार ग्रामीणों ने खुद काबू कर लिया. दरअसल वन विभाग की टीमें, थर्मल ड्रोन कैमरे और पिंजरों के बावजूद तेंदुआ पकड़ में नहीं आ रहा था, लेकिन शुक्रवार सुबह आमानारा गांव में ग्रामीणों ने उसे दबोच लिया. इस पूरे घटनाक्रम के असली हीरो बने सुरेश मरकाम. जैसे ही तेंदुए ने उनकी 3 साल की बेटी सुहानी पर हमला किया, सुरेश ने जान की परवाह किए बिना पीछे से उसे जकड़ लिया. इसके बाद लाठी और रस्सी लेकर मौजूद ग्रामीणों ने मिलकर तेंदुए को काबू किया और वन विभाग की टीम पहुंचने तक उसे पकड़े रखा. ग्रामीणों का दावा है कि तीन दिनों में तेंदुए के हमलों में 19 से ज्यादा लोग घायल हुए, जबकि सीतानदी टाइगर रिजर्व के DFO वरुण जैन ने 12 लोगों के घायल होने और इनमें से दो की मौत की पुष्टि की है. तेंदुए के पकड़े जाने के बाद कई दिनों से खौफ में जी रहे आसपास के गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली.

3 साल की बेटी पर झपटा तेंदुआ तो पिता ने दिखाया दम

यह खौफनाक घटना 16 अक्टूबर यानी शुक्रवार की सुबह करीब 7:30 बजे की है. आमानारा गांव में जैसे ही तेंदुआ घुसा, उसने एक के बाद एक तीन ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया. गांव में पहले से ही भारी गुस्सा और खौफ था, इसलिए ग्रामीणों ने इस बार तेंदुए को जिंदा पकड़ने की प्लानिंग कर रखी थी.  इसी बीच तेंदुए ने चौथी बार में सुरेश मरकाम की 3 साल की छोटी बेटी सुहानी मरकाम पर जानलेवा हमला बोल दिया.

Dhamtari Leopard Attack: ग्रामीणों ने पहले तो तेंदुए को लकड़ी-डंडों से काबू किया फिर उसके ऊपर डाली डाला गया. दावा है कि इसने 3 दिन में 19 लोगों को घायल किया है.

Dhamtari Leopard Attack: ग्रामीणों ने पहले तो तेंदुए को लकड़ी-डंडों से काबू किया फिर उसके ऊपर डाली डाला गया. दावा है कि इसने 3 दिन में 19 लोगों को घायल किया है.
Photo Credit: पूनम शुक्ला

अपनी मासूम बच्ची को जानलेवा खतरे में देख पिता सुरेश मरकाम ने हिम्मत दिखाई और अपनी जान की परवाह किए बगैर पीछे से झपटकर तेंदुए को कसकर दबोच लिया. मरकाम ने तेंदुए के दोनों पिछले पैर पकड़ लिए.  पिता की इस हिम्मत को देख ताक में बैठे बाकी ग्रामीण भी तुरंत लाठी और रस्सियों के साथ दौड़ पड़े और तेंदुए को चारों तरफ से जकड़कर बांध दिया. जिसके बाद वन विभाग को मामले की सूचना दी गई. 

तीन दिनों का आतंक: एक गर्भवती महिला समेत दो की मौत

इस आदमखोर तेंदुए ने पिछले तीन दिनों में पूरे इलाके में आतंक मचा रखा था. वनांचल के 12 गांवों में दहशत का ऐसा माहौल था कि लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर थे. इस आदमखोर के हमले में बस्तर बुडरा की रहने वाली 5 महीने की गर्भवती महिला रामशिला मांडवी (25 वर्ष) और प्रभु लाल मंडावी (45 वर्ष) की दर्दनाक मौत हो चुकी थी. तेंदुए के लगातार हमलों से कारीपानी, बस्तर बुडरा और आमानारा क्षेत्र के ग्रामीण बेहद गुस्से में थे. ग्रामीणों का आरोप है कि जो काम वन विभाग को मुस्तैदी से करना चाहिए था, उसमें अधिकारी पूरी तरह नाकाम रहे और अंत में ग्रामीणों को खुद अपनी जान जोखिम में डालकर यह कदम उठाना पड़ा.

वन विभाग ने लगाए थे पिंजरे, ड्रोन की भी ली मदद

सीतानदी टाइगर रिजर्व के DFO वरुण जैन के मुताबिक तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने प्रयास किए थे. जंगल सफारी से टीम बुलाई गई थी, पिंजरे लगाए गए और थर्मल ड्रोन कैमरे की मदद भी ली गई, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका.आखिरकार शुक्रवार सुबह जब तेंदुआ गांव में घुसा तो ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया. इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई की.

तेंदुए को पकड़ने वाले ग्रामीण होंगे सम्मानित 

घायलों की संख्या को लेकर स्थानीय लोगों और वन विभाग के आंकड़ों में अंतर है. स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि तेंदुए ने तीन दिनों में 19 से ज्यादा लोगों पर हमला किया. हालांकि DFO वरुण जैन ने 12 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है. इनमें दो लोगों की मौत हुई है. वन विभाग अब घायलों की सूची तैयार कर उनके बेहतर इलाज में मदद करने की बात कह रहा है. तेंदुए में रेबीज होने की आशंका भी जताई गई है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है. लगातार हमलों के कारण स्थानीय लोगों में वन विभाग को लेकर नाराजगी भी थी. ग्रामीणों का कहना है कि जिस तेंदुए को पकड़ने के लिए विभाग की टीमें प्रयास कर रही थीं, आखिरकार उसे गांव के लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काबू किया. DFO वरुण जैन के मुताबिक तेंदुए को जीवित और सुरक्षित पकड़ने में साहस दिखाने वाले ग्रामीणों को वन विभाग की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा. तीन दिनों से तेंदुए के खौफ में जी रहे लोगों ने उसके पकड़े जाने के बाद राहत की सांस ली है.
ये भी पढ़ें: दमोह जिला अस्पताल में 'गुटखा घोटाला': सरकारी रसीद पर वसूली, खजाने में नहीं जाते थे पैसे... किसकी जेब हुई गर्म?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Chhattisgarh News, Dhamtari News, Leopard Attack, Forest Department
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com