एमपी के भिंड जिले के पुर गांव में एक ऐसी दर्दनाक घटना हुई है, जिसने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया. सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात एक मां की आंखों के सामने उसके दो मासूम बच्चों की जिंदगी छिन गई. मां के साथ एक ही पलंग पर सो रहे 8 वर्षीय काव्या और 5 वर्षीय आयुष को जहरीले सांप ने डस लिया.
परिजन रातभर बच्चों को बचाने के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. कुछ घंटों के भीतर दोनों मासूम दुनिया छोड़ गए. मंगलवार को जब भाई-बहन की अर्थी एक साथ घर से निकली, तो गांव का शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा रहा हो जिसकी आंखें नम न हुई हों.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
रात के सन्नाटे में हुआ दर्दनाक हादसा
यह घटना भिंड जिले के देहात थाना क्षेत्र के पुर गांव की है. सोमवार रात काव्या और उसका छोटा भाई आयुष अपनी मां बबीता के साथ कमरे में एक ही पलंग पर सो रहे थे. परिवार के अन्य सदस्य भी घर में मौजूद थे और सबकुछ सामान्य था. लेकिन रात करीब 3 बजे अचानक दोनों बच्चों के रोने की आवाज सुनाई दी. बच्चों की चीख सुनकर घर में सो रहा उनका 15 वर्षीय बड़ा भाई धम्मू जाग गया. उसे समझ नहीं आया कि अचानक क्या हुआ है.
लाइट जलते ही सामने दिखा सांप
धम्मू ने जैसे ही कमरे की लाइट जलाई, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. पलंग पर काले रंग का एक सांप बैठा हुआ था. यह देखकर वह घबरा गया और जोर-जोर से शोर मचाने लगा. आवाज सुनकर परिवार के बाकी सदस्य भी कमरे में पहुंच गए. तब तक बच्चों की हालत बिगड़ने लगी थी. परिवार को आशंका हो गई कि सांप दोनों बच्चों को डस चुका है.
अस्पताल पहुंचने से पहले थम गई काव्या की सांसें
घबराए परिजन बिना देर किए दोनों बच्चों को लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए. रास्ते भर परिवार वाले बच्चों को बचाने की कोशिश करते रहे और उनकी सलामती की दुआ मांगते रहे. लेकिन 8 वर्षीय काव्या की हालत लगातार बिगड़ती गई. जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया. मासूम बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
आयुष को बचाने की कोशिश भी रही नाकाम
दूसरी ओर 5 वर्षीय आयुष की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे तुरंत ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल रेफर कर दिया. डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहरीले सांप के जहर का असर बहुत ज्यादा हो चुका था. मंगलवार सुबह इलाज के दौरान आयुष ने भी अंतिम सांस ले ली. इसके साथ ही परिवार ने एक ही रात में अपने दोनों बच्चों को खो दिया.
साथ उठी भाई-बहन की अर्थी
मंगलवार दोपहर गांव में बेहद भावुक और दर्दनाक दृश्य देखने को मिला. घर में एक साथ दो अर्थियां सजाई गईं. काव्या और आयुष का अंतिम संस्कार भी साथ किया गया. जब दोनों भाई-बहन की अर्थी घर से निकली तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया. परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें भर आईं. गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे, लेकिन इस दुख के आगे शब्द भी छोटे पड़ गए.
पूरे गांव में पसरा मातम
इस हृदयविदारक हादसे के बाद पुर गांव में शोक का माहौल है. हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि कुछ घंटों के भीतर एक परिवार की दो खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले इतना दर्दनाक मंजर शायद ही कभी देखा हो. एक साथ भाई-बहन की अर्थी उठना पूरे गांव के लिए बेहद दुखद और भावुक क्षण था. यह घटना न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में छोड़ गई है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं