Kamika Ekadashi Vrat Katha in Hindi: आज यानी 9 अगस्त को कामिका एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. इस दिन भगवान विष्णु, भगवान शिव और माता लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत और पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. साथ ही साधक की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. कामिका एकादशी साल की उन खास एकादशियों में से एक है जो देवशयनी एकादशी के बाद आती है. ऐसे में अगर आज आप व्रत रखने जा रहे हैं तो पूजा के दौरान व्रत कथा का जरूर पाठ करें. माना जाता है कि कथा के पाठ के बिना पूजा अधूरी होती है.
कामिका एकादशी व्रत कथा
प्राचीन काल में एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा- 'हे माधव! आपने देवशयनी एकादशी का महत्व बताया, कृपया अब श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी का वर्णन करें.' भगवान श्रीकृष्ण ने कहा, 'हे युधिष्ठिर! इस एकादशी की कथा ब्रह्माजी ने स्वयं नारदजी को सुनाई थी. इस व्रत को कामिका एकादशी कहा जाता है, जो व्यक्ति इस व्रत को करता है, उसे वाजपेय यज्ञ जितना फल प्राप्त होता है.' इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, विशेष रूप से तुलसी पत्र अर्पण करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. गंगा, काशी, नैमिषारण्य, पुष्कर में स्नान के पुण्य से अधिक फल इस व्रत से प्राप्त होता है.
कामिका एकादशी की लोक प्रचलित कथा
एक बार एक गांव में एक ठाकुर ने क्रोध में आकर एक ब्राह्मण की हत्या कर दी. अपराध करने के बाद उसे बहुत पछतावा हुआ और उस ठाकुर ने ब्राह्मण की क्रिया करने की कोशिश की, लेकिन पंडितों ने उसे बहिष्कृत कर दिया. वह एक मुनि के पास गया और उपाय पूछा. मुनि ने उसे कामिका एकादशी का व्रत करने को कहा, ठाकुर ने श्रद्धा से व्रत किया और भगवान की मूर्ति के पास रातभर जागरण और दीपदान किया. उसी रात उसे भगवान विष्णु के दर्शन हुए और उन्होंने उसके सभी पाप क्षमा कर दिए. इस कथा से यह सिद्ध होता है कि यह व्रत कितना प्रभावशाली है.
पूजा विधि
- कामिका एकादशी पर सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
- भगवान विष्णु को पंचामृत, जल से स्नान कराने के बाद चंदन, हल्दी लगाएं.
- इसके बाद फूल, तुलसी पत्र और भोग अर्पित करने के बाद दीप, धूप जलाकर कल्याण के लिए प्रार्थना करें.
- फिर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और एकादशी व्रत कथा सुनें.
- अगले दिन व्रत का पारण करें.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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