- भिंड जिला अस्पताल में बुजुर्ग महिला को स्ट्रेचर न मिलने पर परिजन चादर से उसे एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले गए.
- महिला को सर्जिकल वार्ड से मेडिकल वार्ड में शिफ्ट करने के निर्देश थे लेकिन अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिला.
- अस्पताल के कर्मचारी और स्टाफ मौजूद थे, फिर भी किसी ने बुजुर्ग महिला को वार्ड तक पहुंचाने में मदद नहीं की.
मध्य प्रदेश के भिंड जिला अस्पताल से सामने आया एक वीडियो स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. यहां इलाज के लिए लाई गई 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला को अस्पताल में स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हुआ. हालत यह रही कि परिजनों को कपड़े की चादर को ही स्ट्रेचर बनाकर महिला को एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले जाना पड़ा. इस दौरान अस्पताल के कर्मचारी और स्टाफ मौजूद रहे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की.
जानकारी के मुताबिक, रौन थाना क्षेत्र के मढ़ी जेतपुरा गांव की रहने वाली 72 वर्षीय विटोली देवी की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए भिंड जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे. बुजुर्ग महिला को तत्काल चिकित्सकीय सहायता की जरूरत थी, इसलिए परिजनों को अस्पताल से बेहतर व्यवस्था की उम्मीद थी, लेकिन यहां उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा.
सर्जिकल वार्ड से मेडिकल वार्ड भेजने के निर्देश
परिजनों के अनुसार, इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने महिला को सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया था. कुछ समय बाद वार्ड में पहुंचे डॉक्टर ने जांच के दौरान पाया कि मरीज को मेडिकल वार्ड में भर्ती किया जाना चाहिए. इसके बाद महिला को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने के निर्देश दिए.
स्ट्रेचर नहीं मिला तो चादर बनी सहारा
परिजनों का आरोप है कि मरीज को मेडिकल वार्ड तक पहुंचाने के लिए अस्पताल की ओर से न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया और न ही कोई वार्ड बॉय भेजा. काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब कोई सहायता नहीं मिली तो परिवार के लोगों ने कपड़े की एक चादर में महिला को लपेटा और उसी के सहारे उठाकर मेडिकल वार्ड तक पहुंचाया. अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल
घटना सामने आने के बाद लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि जब जिला अस्पताल में भर्ती एक बुजुर्ग मरीज को स्ट्रेचर जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिल पा रही है, तो आम मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे कितने मजबूत हैं. सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई है.
सिविल सर्जन ने दी सफाई
मामले पर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आर.के. मिश्रा ने प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के सभी वार्डों के बाहर स्ट्रेचर उपलब्ध रहते हैं और कुछ लोग जानबूझकर ऐसी तस्वीरें पेश कर अस्पताल की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं. सिविल सर्जन ने कहा है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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