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न्याय नहीं मिला तो दूसरा पान सिंह तोमर बन जाऊंगा; कारगिल बॉर्डर पर तैनात जवान ग्वालियर में प्लॉट के लिए परेशान

लद्दाख-कारगिल बॉर्डर पर देश की सुरक्षा कर रहा एक जवान अपने ही शहर में इंसाफ के लिए भटक रहा है. पांच साल पहले खरीदे गए प्लॉट का कब्जा नहीं मिलने और कार्रवाई न होने से परेशान सैनिक ने चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिला तो वह दूसरा पान सिंह तोमर बनने को मजबूर हो जाएगा.

न्याय नहीं मिला तो दूसरा पान सिंह तोमर बन जाऊंगा; कारगिल बॉर्डर पर तैनात जवान ग्वालियर में प्लॉट के लिए परेशान
ग्वालियर में फौजी की गुहार, बोला- इंसाफ नहीं मिला तो बन जाऊंगा दूसरा पान सिंह तोमर
NDTV
  • प्लॉट के कब्जे के लिए चार साल से थाने के चक्कर काट रहा फौजी
  • ग्वालियर में फौजी की गुहार, बोला- इंसाफ नहीं मिला तो बन जाऊंगा दूसरा पान सिंह तोमर
  • जमीन विवाद में फौजी की चेतावनी, पुलिस से कार्रवाई की मांग
ग्वालियर:

देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात एक सैनिक अपने ही शहर में इंसाफ के लिए भटकने को मजबूर है. लद्दाख-कारगिल बॉर्डर पर तैनात फौजी रवि सिंह छुट्टी लेकर ग्वालियर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई. सैनिक का आरोप है कि पांच साल पहले खरीदे गए प्लॉट का आज तक कब्जा नहीं मिला और शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई. लगातार चक्कर लगाने से परेशान सैनिक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह दूसरा पान सिंह तोमर बनने को मजबूर हो जाएगा.

पांच साल पहले खरीदा था प्लॉट

NDTV से बात करते हुए फौजी रवि सिंह ने कहा कि उन्होंने करीब पांच साल पहले शताब्दीपुरम स्थित आर व्रत लैंड में 10 लाख 50 हजार रुपये में एक प्लॉट खरीदा था. यह प्लॉट उन्होंने सत्येंद्र सिंह चौहान, उसके भांजे गोलू और रघुराज सिंह से खरीदा था. सैनिक का कहना है कि रकम का भुगतान करने के बाद भी उन्हें आज तक प्लॉट का वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका है.

फौजी रवि सिंह अपनी कहानी सुनाते हुए

फौजी रवि सिंह अपनी कहानी सुनाते हुए
Photo Credit: NDTV

निर्माण करने पहुंचे तो रोका गया

रवि सिंह ने आरोप लगाया कि जब वह खरीदी गई जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंचे तो संबंधित लोगों ने उन्हें काम नहीं करने दिया. इतना ही नहीं, उन्हें प्लॉट पर कब्जा भी नहीं दिया गया. उन्होंने बताया कि जब भी वह अपना प्लॉट या उसका समाधान मांगने के लिए संबंधित लोगों के पास जाते हैं तो उन्हें टालमटोल कर वापस भेज दिया जाता है.

CSP मनीष यादव

CSP मनीष यादव
Photo Credit: NDTV

चार साल पहले दर्ज कराई थी शिकायत

फौजी ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने करीब चार वर्ष पहले महाराजपुरा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद से वह लगातार थाने और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं. उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. इसी कारण उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगानी पड़ी.

पुलिस ने जांच का दिया भरोसा

इस मामले को लेकर CSP मनीष यादव ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ की जाएगी. तथ्यों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

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