मां-बाप के लिए बच्चों का प्यार अक्सर छोटी-छोटी बातों में दिखाई देता है, लेकिन मेरठ की दो नन्ही बहनों ने अपनी श्रद्धा और संकल्प से एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. महज छह साल की महक और अनन्या ने अपने माता-पिता की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए हरिद्वार से 11 लीटर गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पूरी की और भोलेनाथ का जलाभिषेक किया.
नन्हे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी
आमतौर पर कांवड़ यात्रा को कठिन और धैर्य की परीक्षा माना जाता है. ऐसे में छह साल की दो बच्चियों का कांवड़ उठाकर लंबी यात्रा करना लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया. दोनों बहनों ने पूरे विश्वास के साथ हरिद्वार से गंगाजल भरा और उसे लेकर मेरठ तक पहुंचीं. यात्रा के दौरान उनके कंधों पर कांवड़ का भार जरूर था, लेकिन चेहरे पर आस्था और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था. रास्ते भर दोनों बहनें भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ती रहीं.
मम्मी-पापा की लंबी उम्र के लिए लिया संकल्प
महक और अनन्या ने बताया कि उन्होंने यह कांवड़ यात्रा किसी व्यक्तिगत इच्छा के लिए नहीं बल्कि अपने माता-पिता की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना के लिए की है. दोनों बहनों का कहना है कि उन्होंने बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना की है कि उनके मम्मी-पापा हमेशा स्वस्थ रहें और परिवार में खुशियां बनी रहें. यही भावना उनकी पूरी यात्रा की सबसे बड़ी प्रेरणा बनी.
एक सप्ताह तक पैदल चलीं दोनों बहनें
करीब एक सप्ताह पहले हरिद्वार से शुरू हुई यह यात्रा सोमवार को मेरठ पहुंचकर पूरी हुई. यात्रा के दौरान जहां-जहां से दोनों बहनें गुजरीं, लोगों ने उन्हें देखकर सराहना की. कई लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया और आशीर्वाद दिया. नन्ही बच्चियों का हौसला देखकर राहगीर भी हैरान रह गए. लोगों ने कहा कि इतनी कम उम्र में ऐसी आस्था और संकल्प बहुत कम देखने को मिलता है.
मेरठ पहुंचने के बाद मंगलवार को महक और अनन्या ने कांवड़ से लाए गए पवित्र गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया. इस दौरान उनकी सबसे बड़ी प्रार्थना अपने माता-पिता की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की रही है.
यह भी पढ़ें- पाक सेना मुख्यालय के पास अंधाधुंध फायरिंग, रावलपिंडी से इस्लामाबाद तक मची अफरातफरी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं