
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पोखरियाल ने वाजपेयी पर लिखी किताब
दिल्ली:
आप कुछ भी बंद करें लेकिन लिखना कभी नहीं छोड़ें.. ये वो शब्द थे जिन्हें देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भाजपा सांसद एवं लेखक रमेश पोखरियाल निशंक को बतौर सलाह कहे थे.
वाजपेयी के जीवन पर लिखी अपनी पुस्तक की पहली प्रति राष्टपति प्रणब मुखर्जी को प्रस्तुत करने के बाद पोखरियाल ने कहा, मैं जब भी वाजपेयी जी से मिलता था, तो वह सबसे पहले मुझसे यही पूछा करते कि आप कुछ लिख रहे हैं या नहीं? कुछ भी बंद कीजिए लेकिन लिखना मत छोड़िए.
खुद के राजनीति में आने का श्रेय वाजपेयी को देते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पोखरियाल ने बताया कि 450 पृष्ठों वाली पुस्तक ‘युग पुरूष, भारत रत्न, अटलजी’ का जल्द आधिकारिक रूप से विमोचन होगा.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वाजपेयी के जीवन पर लिखी अपनी पुस्तक की पहली प्रति राष्टपति प्रणब मुखर्जी को प्रस्तुत करने के बाद पोखरियाल ने कहा, मैं जब भी वाजपेयी जी से मिलता था, तो वह सबसे पहले मुझसे यही पूछा करते कि आप कुछ लिख रहे हैं या नहीं? कुछ भी बंद कीजिए लेकिन लिखना मत छोड़िए.
खुद के राजनीति में आने का श्रेय वाजपेयी को देते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पोखरियाल ने बताया कि 450 पृष्ठों वाली पुस्तक ‘युग पुरूष, भारत रत्न, अटलजी’ का जल्द आधिकारिक रूप से विमोचन होगा.
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