
Flexed seed : गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज हमारे आयुर्वेद (Ayurveda remedies) में उपलब्ध है. लेकिन इसकी प्रक्रिया धीमा होने के कारण लोग इसे प्राथमिकता पर नहीं रखते हैं. इसलिए अंग्रेजी दवाओं की तरफ ही रुख करते हैं. जबकि किसी मर्ज की शुरूआत में ही इसका इलाज शुरू कर दिया जाए तो जड़ से खत्म करने का काम करता है ये आयुर्वेद. आजकल हार्ट अटैक के केसेज बहुत बढ़ गए है. ऐसे में अलसी के बीज का सेवन इससे आपको बचा सकता है. कैसे चलिए हम आपको बताते हैं कितना मात्रा में इसे खाना अच्छा होता है सेहत के लिए.
अलसी के बीज में पोषक तत्व
- इसके बीज में कैलोरी, कोलेस्ट्रॉल, सोडियम, पोटैशियम, फाइबर, शुगर, विटामिन बी, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, फोलेट, आयरन कैल्शियम, प्रोटीन विटमिन सी आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो कई तरह की बीमारियों में लाभ पहुंचाने का काम करते हैं.
अलसी के बीज के फायदे
- आपको बता दें कि अलसी के बीज में ओमेगा 3 फैटी एसिड, ओमेगा 6 और सॉल्यूबल फाइबर पाया जाता है जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करते हैं, जिससे हृदय घात का खतरा कम होता है.
- एक कप या 100 ग्राम अलसी में 20 प्रतिशत प्रोटीन, 28 प्रतिशत फाइबर, 18 प्रतिशत मोनोअनसैचुरेटेड (एमयूएफए) और 73 प्रतिशत पॉलीअनसेचुरेटेड फैट (पीयूएफए) होता है.
- अलसी के बीज को कभी भी कच्चा ना खाएं. हमेशा रोस्ट करके ही सेवन करें. हर दिन एक चम्मच ही खाएं. लेकिन अगर आप गुर्दे के रोग से पीड़ित हैं तो ना खाएं.
- अलसी के बीज को स्मूदी, हलवा, दलिया और लड्डू में मिलाकर ही खाना चाहिए. इससे लाभ जल्दी मिलेगा. इसका गलत तरीके से इस्तेमाल करना सेहत पर बुरा असर डाल सकती है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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