अगर दुनिया के सबसे लोकप्रिय व्यंजनों की सूची बनाई जाए तो पिज्जा का नाम सबसे ऊपर दिखाई देगा. इटली के नेपल्स शहर से निकलकर पूरी दुनिया तक पहुंचा यह व्यंजन आज हर उम्र और हर वर्ग के लोगों की पसंद है. लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि कभी पिज्जा गरीबों का भोजन माना जाता था और समाज का संभ्रांत वर्ग इसे पसंद नहीं करता था. समय बदला, स्वाद बदला और पिज्जा राजाओं की थाली से होते हुए वैश्विक पहचान बन गया. आज पिज्जा सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक प्रतीक है, जिसकी कहानी हजारों साल पुराने इतिहास से जुड़ी हुई है. हाल ही में डोमिनोज ने उन पिज्जा प्रेमियों के लिए एक नए प्रोडक्ट का ऐलान किया है जो अकेले इस डिश को इंजॉय करना चाहते हैं.
आखिर पिज्जा की शुरुआत कहां से हुई?
पिज्जा का इतिहास आधुनिक इटली से कहीं अधिक पुराना माना जाता है. इतिहासकारों के अनुसार इसकी जड़ें प्राचीन मिस्र, यूनान और रोमन सभ्यता तक जाती हैं, जहां लोग पतली रोटी पर विभिन्न सामग्री रखकर खाते थे. हालांकि आधुनिक पिज्जा का जन्म इटली के नेपल्स शहर में माना जाता है. "पिज्जा" शब्द का पहला उल्लेख लगभग 997 ईस्वी के दस्तावेजों में मिलता है. उस समय यह एक साधारण फ्लैटब्रेड था, जिस पर नमक, जड़ी-बूटियां और स्थानीय सामग्री डाली जाती थी.

History of Pizza: ट्रेडिशनल पिज्जा
गरीबों का खाना क्यों था पिज्जा?
18वीं सदी का नेपल्स तेजी से बढ़ती आबादी वाला शहर था. बड़ी संख्या में गरीब मजदूर और कामगार वहां रहते थे. उन्हें ऐसा भोजन चाहिए था जो सस्ता भी हो और जल्दी तैयार भी हो जाए. इसी जरूरत ने पिज्जा को लोकप्रिय बनाया. सड़क किनारे दुकानदार आटे की रोटी पर लहसुन, नमक, तेल और बाद में टमाटर डालकर बेचते थे. गरीब लोग इसे खड़े-खड़े खा लेते थे. उस दौर में अमीर वर्ग पिज्जा को तुच्छ भोजन मानता था. कई लेखकों ने इसे "गरीबों का खाना" तक कहा था .
टोमैटो और मोजरेला ने बदल दी किस्मत
आज टमाटर और चीज के बिना पिज्जा की कल्पना मुश्किल है, लेकिन शुरुआत में दोनों मौजूद नहीं थे. अमेरिका से टमाटर यूरोप पहुंचे तो लोगों को लगता था कि यह जहरीला फल है. इसलिए लंबे समय तक इसका उपयोग नहीं हुआ. दूसरी ओर भैंसों के इटली पहुंचने के बाद मोजरेला चीज का उत्पादन शुरू हुआ. 18वीं सदी के मध्य तक मोजरेला लोकप्रिय हुआ और इसके बाद पिज्जा का स्वाद पूरी तरह बदल गया.
क्वीन मार्गरीटा और पिज्जा का शाही सफर
पिज्जा के इतिहास में 1889 का साल बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. कहानी के अनुसार, इटली के राजा उम्बर्तो प्रथम और रानी मार्गरीटा (Queen Margherita) ने नेपल्स का दौरा किया. वहां के प्रसिद्ध पिज्जा निर्माता राफाएले एस्पोसिटो को उनके लिए विशेष व्यंजन तैयार करने का मौका मिला. उन्होंने टमाटर, मोजरेला और तुलसी (बेसिल) से एक पिज्जा बनाया. इसके लाल, सफेद और हरे रंग इटली के राष्ट्रीय ध्वज का प्रतीक थे. रानी को यह पिज्जा इतना पसंद आया कि इसे उनके नाम पर " मार्गरीटा पिज्जा" कहा जाने लगा. यहीं से पिज्जा को शाही पहचान मिली और उसका दर्जा बदल गया.

Margherita Pizza
पहला पिज्जेरिया कब खुला?
इतिहासकारों के अनुसार दुनिया का पहला पिज्जेरिया नेपल्स में खुला. Antica Pizzeria Port'Alba की शुरुआत 1738 में एक स्ट्रीट स्टॉल के रूप में हुई थी, जबकि 1830 तक यह पूर्ण पिज्जेरिया बन चुका था. आज भी इसे दुनिया के सबसे पुराने पिज्जेरिया में गिना जाता है.
शुरुआत में जिस पिज्जा को गरीबों का भोजन माना जाता था, वही बाद में राजघरानों की मेज तक पहुंचा और फिर अमेरिका के रास्ते पूरी दुनिया में फैल गया. आज दुनिया के लगभग हर देश में पिज्जा खाया जाता है.
अमेरिका पहुंचकर बना वैश्विक स्टार
द्वितीय विश्व युद्ध से पहले पिज्जा मुख्य रूप से इटली और अमेरिका में बसे इतालवी प्रवासियों के बीच ही लोकप्रिय था. हालांकि युद्ध के दौरान स्थिति बदल गई. इटली में तैनात अमेरिकी और मित्र देशों के सैनिक स्थानीय भोजन के रूप में पिज्जा खाने लगे. सीमित राशन और स्थानीय खाद्य संस्कृति से परिचय के कारण सैनिकों ने पिज्जा का स्वाद चखा और वह उन्हें बेहद पसंद आया. कई जगहों पर स्थानीय बेकरों के लिए सैनिकों की मांग पूरी करना भी मुश्किल हो गया था. युद्ध समाप्त होने के बाद जब अमेरिकी सैनिक अपने देश लौटे तो वे अपने साथ पिज्जा के प्रति पसंद भी ले गए. इसके बाद अमेरिका में पिज्जा की मांग तेजी से बढ़ने लगी.
इसके बाद अमेरिका में इसकी लोकप्रियता विस्फोटक रूप से बढ़ी. 1950 के दशक में बड़ी कंपनियों ने मोटे बेस और डीप-डिश पिज्जा को लोकप्रिय बनाया. बाद में डोमिनोज और पिज्जा हट जैसे ब्रांडों ने इसे दुनिया भर में पहुंचा दिया. इतिहासकारों का मानना है कि अगर द्वितीय विश्व युद्ध नहीं होता, तो संभव है कि पिज्जा को वैश्विक लोकप्रियता हासिल करने में कई दशक और लग जाते.

Pizza History: अंतरिक्ष में पिज्जा
भारत में पिज्जा कब आया?
भारत में पिज्जा 1980 के दशक में दिखाई देना शुरू हुआ, लेकिन इसे असली पहचान 1990 के दशक में मिली. 1996 में अंतरराष्ट्रीय फास्ट फूड चेन भारत आईं और पैन पिज्जा को लोकप्रिय बनाया. इसके बाद भारतीय स्वाद के अनुसार नए प्रयोग शुरू हुए. आज भारत में चिकन टिक्का पिज्जा, पनीर टिक्का पिज्जा, तंदूरी पिज्जा, चिकन चेट्टीनाड पिज्जा और मटन सुक्का पिज्जा जैसे देसी रूप काफी लोकप्रिय हैं.
सबसे बड़ा पिज्जा
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के अनुसार दुनिया का सबसे बड़ा पिज्जा 19 जनवरी 2023 को अमेरिका के लॉस एंजिलिस में बनाया गया था. इसका क्षेत्रफल 1,296.72 वर्ग मीटर था. इसमें ये सामग्री लगी थी.
- आटा: 6,193 किलोग्राम
- सॉस: 2,244 किलोग्राम
- चीज: 3,992 किलोग्राम
- पेपरोनी स्लाइस: 6.3 लाख से अधिक
दुनिया का सबसे छोटा पिज्जा
इटली और जापान के कुछ शेफ ने प्रदर्शन के दौरान सिक्के से भी छोटा माइक्रो पिज्जा बनाया था. इसका रेडियस कुछ मिलीमीटर ही था. माइक्रोस्कोपिक फूड आर्ट की दुनिया में इसे एक अनोखा प्रयोग माना जाता है.
दुनिया का सबसे महंगा पिज्जा
इटली के शेफ रेनाटो वियोला द्वारा बनाया गया "लुई XIII पिज्जा" दुनिया के सबसे महंगे पिज्जाओं में गिना जाता है. इसकी कीमत लगभग 12,000 डॉलर (करीब 10 लाख रुपये से अधिक) है. इस पिज्जा में समुद्री लॉब्स्टर, दुर्लभ कैवियार, ऑर्गेनिक भैंस का मोजरेला चीज, महंगे समुद्री खाद्य पदार्थ इस्तेमाल होते हैं.
अंतरिक्ष में भी पहुंच चुका है पिज्जा
साल 2001 में रूसी अंतरिक्ष एजेंसी को एक पिज्जा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचाने के लिए 10 लाख डॉलर से अधिक का भुगतान किया गया था. रूसी अंतरिक्ष यात्री यूरी उसाचेव अंतरिक्ष में पिज्जा प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बने.
पिज्जा और हेल्थ
पिज्जा की लोकप्रियता के साथ स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ी हैं. फास्ट फूड पिज्जा में अधिक कैलोरी, वसा और सोडियम हो सकता है. हालांकि अब आर्टिजन और हेल्दी पिज्जा का चलन बढ़ रहा है. इस समय मल्टीग्रेन पिज्जा, रागी पिज्जा, बाजरा पिज्जा, ग्लूटेन-फ्री पिज्जा, लो-फैट मोजरेला पिज्जा, ऑर्गेनिक टॉपिंग वाले पिज्जा भी उपलब्ध हैं.

Pizza History: डोमिनोज का नया पिज्जा
डोमिनोज ने पिज्जा के नए रूप का किया ऐलान
कुछ दिनों पहले ही डोमिनोज ने "The Domino" नाम से एक नया व्यक्तिगत पिज्जा का ऐलान किया है. यह कंपनी के लोगो की तरह दिखाई देता है और एक व्यक्ति के लिए डिजाइन किया गया है. कंपनी 31 अगस्त से "द डोमिनो" नाम का एक नया सिंगल-सर्विंग पिज्जा लॉन्च करेगी, जिसे खास तौर पर उन ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है जो अपना पसंदीदा पिज्जा बिना किसी समझौते के अकेले खाना चाहते हैं. यह डिट्रॉइट-स्टाइल पिज्जा डोमिनोज के प्रतिष्ठित लोगो के आकार में बनाया गया है और इसे दो बड़े स्लाइस में परोसा जाएगा. इसमें प्रीमियम पार्मेज़ान चीज़ से बना क्रिस्पी क्रस्ट, दो परतों में चीज़, पसंद की सॉस और तीन तक टॉपिंग्स चुनने की सुविधा होगी. कंपनी का कहना है कि यह पिज्जा अधिक कस्टमाइज़ेशन, पोर्टेबिलिटी और सुविधा प्रदान करेगा तथा स्वतंत्र परीक्षणों में इसे डोमिनोज के सबसे स्वादिष्ट उत्पादों में से एक माना गया है.
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