विज्ञापन

इस Pizza के लिए दीवानगी देखते बनती है, जायके के लिए दूर देश से आ रहे लोग; आखिर क्या है पिज्जा टूरिज्म?

माना जाता है कि हेवन पिज्जा की ख्याति दुनिया भर में येल यूनिवर्सिटी की वजह से पहुंची है. इस पिज्जा का इटली से अमेरिका आए प्रवासियों ने ईजाद किया था.

इस Pizza के लिए दीवानगी देखते बनती है, जायके के लिए दूर देश से आ रहे लोग; आखिर क्या है पिज्जा टूरिज्म?
न्यू हेवन पिज्जा कोयले की आंच में तैयार किया जाता है.
Pixabay

अगर आप दुनिया के सबसे बेहतरीन, क्रिस्पी और अनोखे स्वाद वाले पिज्जा की तलाश में हैं तो आपको न्यूयॉर्क से थोड़ा आगे कनेक्टिकट के ‘न्यू हेवन' रुख करना पड़ेगा. ये जगह दुनिया भर के पिज्जा लवर की पसंदीदा जगह है. लोगों के जेहन में इस पिज्जा का खुमार इतना है कि मीलों दूर से इस पिज्जा का लुत्फ उठाने आते हैं.

यहां का पिज्जा सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि सदियों पुरानी वो विरासत है जो आज भी अपने कड़क और कोयले की आंच पर पके 'जले हुए' लुक के लिए पूरी दुनिया में धूम मचा रही है. खास बात यह है कि इस पारंपरिक स्वाद का डंका अब अमेरिका ही नहीं, बल्कि एडिनबर्ग से लेकर ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका तक बज रहा है.

इटली से आए अप्रवासियों ने रखी थी बुनियाद

न्यू हेवन के इस मशहूर पिज्जा इतिहास को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा. 1800 के दशक के मध्य में, इटली के नेपोलिटन क्षेत्र (अमाल्फी कोस्ट, बेनेवेंटो और सोरेंटियन प्रायद्वीप) से बड़ी संख्या में अप्रवासी अमेरिका के न्यू हेवन आकर बस गए थे. ये लोग अपने साथ पतले क्रस्ट वाले पिज्जा की पारंपरिक कला भी लेकर आए. न्यू हेवन समय के साथ एक ऐसा टाइम कैप्सूल बन गया, जहां यह परंपरा आकर ठहर सी गई और इसमें कोई फालतू बदलाव नहीं किए गए. और अब ये जगह पिज्जा टूरिज्म के मशहूर होता जा रहा है.

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: Pixabay

बीबीसी के अनुसार, यहां के सबसे पुराने और मशहूर पिज्जा कैफे में 'फ्रैंक पेपे' का नाम सबसे ऊपर आता है. फ्रैंक पेपे के पोते फ्रांसिस रोसेली बताते हैं कि उनके दादा-दादी का यही कहना था कि स्वाद के साथ कोई खिलवाड़ या बहुत ज्यादा बदलाव न किया जाए. आज भी यहां सालाना आधार पर चुने गए इटली के बेहतरीन टमाटर, उच्चतम गुणवत्ता वाला पेकोरिनो रोमानो चीज और इटली से ही मंगाए गए जैतून के तेल का इस्तेमाल होता है.

कोयले की भट्टी में पकता है पिज्जा

न्यू हेवन पिज्जा की सबसे बड़ी खासियत इसकी मेकिंग स्टाइल है. इसे कोयले से चलने वाले ओवन में पकाया जाता है. इस वजह से पिज्जा का बेस बाहर से थोड़ा जला हुआ और बेहद कुरकुरा हो जाता है, जो इसे बाकी पिज्जा से बिल्कुल अलग बनाता है. यहां के लोग इसे आम इतालवी भाषा में पिज्जा न कहकर अपनी खास स्थानीय बोली में 'एपिट्ज' कहते हैं. वैसे तो आज न्यू हेवन में दर्जनों बेहतरीन पिज़्ज़ेरिया हैं, लेकिन यहां के 'बिग थ्री' यानी तीन सबसे पुराने और बड़े नाम फ्रैंक पेपे, सैलीज और मॉडर्न एपीज्जा हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

दुनिया भर में बढ़ता क्रेज

इस स्वाद को वैश्विक पहचान दिलाने में 'येल यूनिवर्सिटी' का भी बहुत बड़ा हाथ रहा है. यहां पढ़ने आने वाले छात्र और सैलानी जब भी न्यू हेवन आते हैं, तो इस पिज्जा के दीवाने हो जाते हैं. यूनिवर्सिटी छोड़ने के बाद भी वे इस स्वाद की यादें अपने साथ ले गए और दुनिया के अलग-अलग कोनों में इसका प्रचार किया. स्थिति यह है कि जो लोग सालों पहले यहां से जा चुके हैं, वे आज भी जब यहां से गुजरते हैं, तो गाड़ी रोककर इस पिज्जा का स्वाद चखना नहीं भूलते.

पिछले 5 से 7 सालों में न्यू हेवन स्टाइल पिज्जा का क्रेज पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ा है. इसकी मैपिंग करने पर पता चलता है कि अब सिर्फ अमेरिकी ईस्ट कोस्ट ही नहीं, बल्कि बेलीज, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एडिनबर्ग से लेकर बेलफास्ट तक न्यू हेवन स्टाइल के पिज्जा सेंटर्स खुल रहे हैं.

यह भी पढ़ें: ईरान में बिना हिजाब गाने पर मिली 74 कोड़े मारने की सजा, स्टार सिंगर पर 2 साल का बैन भी लगा

लेखक के बारे में
img
चंदन सिंह राजपूत
Senior Sub Editor
चंदन सिंह राजपूत एनडीटीवी हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर कार्यरत हैं. डिजिटल मीडिया में करीब 5 साल का अनुभव है. एनडीटीवी से पहले बीबीसी हिंदी, क्विंट... और पढ़ें
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Pizza, America
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com