नाना पाटेकर के निधन के बाद से ही पूरा देश शोक में है, उनके लाखों फैंस को यकीन नहीं हो रहा है कि उनका पसंदीदा एक्टर उनके बीच नहीं रहा है. गोवा में मौजूद घर में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और फिर उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, यहां डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए. डॉक्टरों ने कहा है कि नाना की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई, जो बेहद खतरनाक स्थिति होती है और इसमें इंसान की जान बचाना लगभग नामुमकिन हो जाता है. आइए जानते हैं कि कार्डियक अरेस्ट क्या होता है और ये कैसे हार्ट अटैक से अलग है.
क्या होता है कार्डियक अरेस्ट?
कार्डियक अरेस्ट का मतलब हार्ट का रुकना है, जिसमें दिल अचानक पूरी तरह से धड़कना बंद कर देता है और शरीर में रक्त पंप करना रोक देता है. जिसकी वजह से व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है और उसकी नब्ज और सांसें रुक जाती हैं. कार्डियक अरेस्ट के लक्षण अचानक गिर पड़ना, होश खोना, और सांस का बंद होना है. हाइपोथर्मिया जैसी स्थिति के चलते इंसान बेसुध हो जाता है. आमतौर पर कार्डियक अरेस्ट में तुरंत मौत हो जाती है. हालांकि सीपीआर देकर कार्डियक अरेस्ट के कुछ मामलों में जान बचाई जा सकती है.
क्या होता है हार्ट अटैक
इंसान के शरीर में मौजूद कोरोनरी आर्टरी का काम दिल तक ऑक्सीजन युक्त खून पहुंचाना होता है. इसमें किसी भी तरह के ब्लॉकेज के चलते हार्ट अटैक जैसी स्थिति बनती है. आसान भाषा में कहें तो ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट आने के बाद हार्ट अटैक आता है. इसमें दिल धड़कना पूरी तरह से बंद नहीं होता है, लेकिन हार्ट की मसल्स सिकुड़ने लगती हैं और धीरे-धीरे ये काम करना बंद कर देता है. कार्डियक अरेस्ट के मुकाबले हार्ट अटैक में जान बचाने का वक्त थोड़ा ज्यादा मिलता है. कई मामलों में हार्ट अटैक के 10 या 15 मिनट बाद कार्डियक अरेस्ट होता है.
हार्ट फेलियर क्या होता है?
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट की तरह हार्ट फेलियर भी होता है. इसमें दिल पूरे शरीर में खून को पंप करना बंद कर देता है. इस कंडीशन को ही हार्ट फेलियर कहा जाता है. इसमें हार्ट की मसल्स पतली या फिर कमजोर हो जाती हैं, जिनसे पूरे शरीर में जरूरत के हिसाब से खूब पंप नहीं हो पाता है.
नाना पाटेकर के मामले में क्या हुआ?
नाना पाटेकर को हार्ट अटैक नहीं आया था, बल्कि उनका दिल धड़कना सीधे बंद हो गया, यानी उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसमें तुरंत पहले या दूसरे मिनट में ही इलाज मिलना जरूरी होता है. जब तक नाना पाटेकर को हॉस्पिटल तक पहुंचाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी और उनकी बॉडी ने रिस्पॉन्स देना बंद कर दिया था. यही वजह है कि उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
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