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35 रुपये महीने की नौकरी से लेकर जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करने तक, ऐसा था नाना पाटेकर का संघर्ष

Nana Patekar First Job: नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. नाना पाटेकर की जिंदगी काफी संघर्ष से भरी रही और उन्होंने कम उम्र से ही नौकरी करना शुरू कर दिया था.

35 रुपये महीने की नौकरी से लेकर जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करने तक, ऐसा था नाना पाटेकर का संघर्ष
नाना पाटेकर ने इस कॉलेज से की थी पढ़ाई

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर नाना पाटेकर नहीं रहे, 75 साल की उम्र में कार्डिएक अरेस्ट के चलते उनका निधन हो गया. अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. नाना पाटेकर के ऐसे अचानक चले जाने के बाद उन्हें कई तरह से याद किया जा रहा है, कोई उनकी शानदार एक्टिंग को याद कर रहा है तो कोई उनके शुरुआती दिनों की याद दिला रहा है. आज हम आपको नाना पाटेकर की पढ़ाई और पहली नौकरी के बारे में बता रहे हैं, साथ ही ये भी जानेंगे कि कैसे उन्होंने संघर्ष के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी. 

ऐसा रहा शुरुआती जीवन

नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में अपने संघर्ष और स्कूली पढ़ाई की बात की थी. उन्होंने बताया कि छठी कक्षा तक वो गांव में रहे और मां ने सुधारने के लिए मौसी के पास भेज दिया, इसके एक साल बाद मौसी ने उन्हें वापस भेज दिया. इसके बाद 8वीं से लेकर 11वीं तक की पढ़ाई दादर में हुई. नाना ने बताया कि उन्होंने स्कूलिंग के बाद जेजे स्कूल ऑफ आर्ट में एडमिशन लिया. तब उनके पास पैसे नहीं हुआ करते थे और कॉलेज की फीस 120 रुपये हुआ करती थी. 

नाना पाटेकर जिस कॉलेज में पढ़ रहे थे, उसके डीन थिएटर के बड़े डायरेक्टर थे. उस वक्त फैमिली प्लानिंग के पोस्टर बनाने का काफी काम होता था. महाराष्ट्र के ऐसे काम जेजे स्कूल ऑफ आर्ट में होते थे. जरूरतमंद बच्चों को ये काम दिया जाता था, जिसके 300-400 रुपये मिलते थे. 

35 रुपये में मिली पहली नौकरी

नाना पाटेकर के पिता का बिजनेस पूरी तरह से डूब गया था, जिसके बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हुआ. नाना पाटेकर ने अपनी पहली नौकरी के बारे में बताया था कि जब उनकी उम्र महज 13 साल थी, तब उन्हें नौकरी करनी पड़ी. 1964 में वो नौकरी के लिए 8 किमी दूर पैदल चलकर नौकरी के लिए जाते थे, जिसके लिए उन्हें 35 रुपये महीने की सैलरी मिलती थी. इसके अलावा उन्होंने सड़क पर जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करने का काम भी किया, इसके लिए उन्हें 15 रुपये मिलते थे. 

नाना पाटेकर इसी दौरान नाटक ने स्कूल में ही एक्टिंग शुरू की और इस दौरान उन्हें कुछ अवॉर्ड भी मिल गए, इसके बाद उन्होंने नौकरी एक एडवर्टाइजमेंट कंपनी में नौकरी शुरू की, जहां 1200 रुपये सैलरी मिलती थी. 

थिएटर ने बदल दी जिंदगी

नाना पाटेकर को नौकरी के दौरान लगा कि वो एक्टिंग कर सकते हैं, इसके बाद वो नौकरी छोड़कर अविष्कार नाम की थिएटर मंडली में शामिल हो गए. विजय मेहता के एक नाटक में उनका पहला कमर्शियल प्ले था, जिसके बाद उनका करियर आगे बढ़ा और फिर फिल्मों में काम मिलने लगा. 

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