विज्ञापन

इस भारतीय ने 78 साल पहले ही बना दी पेट्रोल कार, कीमत सिर्फ 2 हजार, इस 'देसी एडिसन' की कहानी गर्व से भर देगी

Who was GD Naidu: विदेशी कंपनियों के करोड़ों के ऑफर ठुकराकर भारत को पहली इलेक्ट्रिक मोटर देने वाला जीनियस. जानिए 'भारत के एडिसन' जी.डी. नायडू के वो चमत्कारिक आविष्कार, जिन्हें वक्त ने भुला दिया.

इस भारतीय ने 78 साल पहले ही बना दी पेट्रोल कार, कीमत सिर्फ 2 हजार, इस 'देसी एडिसन' की कहानी गर्व से भर देगी
indian inventor gd naidu history

आज जिस दौर में हम 'मेक इन इंडिया' और सस्ती गाड़ियों की बात करते हैं, सोचिए करीब 78 साल पहले एक हिंदुस्तानी ने महज 2,000 रुपये में स्वदेशी पेट्रोल कार बनाकर दुनिया को चौंका दिया था. जब लोग रेडियो और रेजर का सपना देख रहे थे, तब इस शख्स ने खिलौना कार की मोटर से दुनिया का पहला इलेक्ट्रिक रेजर ईजाद कर दिया और सिर्फ 11 घंटे में पूरा पक्का मकान खड़ा कर दिया. यह करिश्मा किया था तमिलनाडु के गोपालस्वामी दुराईस्वामी नायडू (G.D. Naidu) ने. एक ऐसा देसी वैज्ञानिक, जिसे दुनिया ‘भारत का एडिसन' और ‘कोयंबटूर का वेल्थ क्रिएटर' कहती है. अभिनेता आर. माधवन की नई फिल्म 'GDN' के बाद हर कोई इस लीजेंड की दास्तान जानना चाहता है, जिसने विदेशी कंपनियों के करोड़ों के ऑफर ठुकरा दिए, लेकिन अपने देश में हमेशा लीक से हटकर काम किया.

अंग्रेज अफसर की मोटरसाइकिल और जाग उठा वैज्ञानिक

23 मार्च 1893 को कोयंबटूर के कलांगल गांव में एक किसान परिवार में जन्मे दुराईसामी का मन किताबों में नहीं लगा और तीसरी क्लास में ही पढ़ाई छूट गई. एक दिन अंग्रेज अफसर लैंकशायर की मोटरसाइकिल गांव में खराब हुई. बिना पैडल चलने वाली उस मशीन को देखकर दुराईसामी की आंखें फटी रह गईं.

वह काम की तलाश में कोयंबटूर आए. एक होटल में 8 रुपये महीने पर वेटर बने और 3 साल में पाई-पाई जोड़कर 400 रुपये जमा किए. फिर उसी अफसर से वह पुरानी मोटरसाइकिल खरीदी, उसके एक-एक पुर्जे को खोला, समझा और फिर जोड़ दिया. बस, यहीं से एक वैज्ञानिक का जन्म हुआ. 

gd naidu inventor 2000 rupee petrol car edison of india r madhavan new movie GDN untold story
gd naidu inventor 2000 rupee petrol car edison of india r madhavan new movie GDN untold story

म्यूजियम में रखी जीडी नायडू की वो मोटर साइकिल जिसका पुर्जा पुर्जा खोलकर बने आविष्कारक 


मुंबई ने दिया झटका, वापस लौटे कोयंबटूर

कपास के कारोबार में शुरुआती घाटे के बाद उन्होंने 12 रुपये महीने पर कॉटन मिल में काम किया और 2 साल में चीफ सुपरवाइजर बन गए. फिर दोस्तों से 17,000 रुपये जुटाकर खुद की कॉटन मिल लगाई. पहले विश्वयुद्ध के दौरान मांग बढ़ी तो उन्होंने 1.5 लाख रुपये का बंपर मुनाफा कमाया. लेकिन 1919 में जब वह मुंबई के कॉटन बाजार में किस्मत आजमाने पहुंचे, तो सारा पैसा डूब गया और वह खाली हाथ वापस कोयंबटूर लौटे.

अंग्रेजी सीखने के लिए बने बावर्ची, खड़ा कर दिया बसों का साम्राज्य

अंग्रेजी सीखने की जिद में नायडू साहब कोयंबटूर के अंग्रेज कारोबारी मिस्टर स्टेन्स के घर 8 महीने तक रसोइए का काम करते रहे, ताकि स्टेन्स की पत्नी से बोलचाल में अंग्रेजी सीख सकें. जब स्टेन्स को पता चला कि वह बस खरीदने के लिए पैसे बचा रहे हैं, तो उन्होंने 4,000 रुपये की मदद की और 4,000 रुपये दोस्तों से मिले. 

gd naidu inventor 2000 rupee petrol car edison of india r madhavan new movie GDN untold story

उदुमलपेट-डिंडीगुल रूट पर पहली बस चली, जिसमें दुराईसामी खुद ड्राइवर, कंडक्टर और मैकेनिक थे. 12 साल बिना छुट्टी काम करके उन्होंने 1922 में 2 बसों से शुरू हुए सफर को 1924 में 23 और फिर 280 बसों वाली दिग्गज कंपनी 'यूनाइटेड मोटर सर्विस' (UMS) में बदल दिया. पल्लडम में उन्होंने रेस्तरां और साफ शौचालयों से लैस देश का पहला आधुनिक बस स्टैंड भी बनाया.

'रासांत रेजर', सस्ता रेडियो और 2000 रुपये की पेट्रोल से चलने वाली कार

विदेश यात्रा के दौरान महंगे शेविंग खर्च से बचने के लिए उन्होंने खिलौना कार की मोटर से 'रासांत रेजर' और 200 बार चलने वाला ब्लेड बनाया. लंदन में एक महीने में 7,500 रेजर बिके और अमेरिका से लाखों डॉलर के ऑफर आए, लेकिन भारत में बनाने की चाहत में उन्होंने सारे ऑफर ठुकरा दिए.

1941: जब रेडियो 175 रुपये का था, उन्होंने सिर्फ 70 रुपये में 5-वाल्व रेडियो सेट बनाने का ऐलान किया.

1952: महज 2,000 रुपये की टू-सीटर पेट्रोल कार तैयार की, पर सरकारी लाइसेंस न मिलने से उत्पादन रुक गया.

अन्य गैजेट्स: कैमरा डिस्टेंस एडजस्टर, वोटिंग मशीन और जूसर भी ईजाद किए.  

gd naidu inventor 2000 rupee petrol car edison of india r madhavan new movie GDN untold story

11 घंटे में पक्का मकान और कृषि के बड़े चमत्कार

नायडू साहब ने 15 जनवरी 1968 को सुबह 9:30 से रात 8:30 बजे के बीच, महज 11 घंटे में नींव से छत तक पूरा पक्का मकान बनाकर साबित किया कि गरीबों के लिए सस्ते घर तेजी से बन सकते हैं. वहीं खेती में दवाओं के खास प्रयोग से 10 फीट ऊंचे कपास के पेड़, बिना बीज का पपीता और 39 भुट्टों वाला मक्का उगाकर सबको हैरान कर दिया. फोटोग्राफी के शौकीन नायडू ने जॉर्ज पंचम की शवयात्रा, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और एडॉल्फ हिटलर तक को अपने कैमरे में कैद किया.

समाज को सब लौटाया और दुनिया को कहा अलविदा

1944 में मोटर कारोबार से संन्यास लेकर उन्होंने अपनी संपत्ति शोध, छात्रवृत्ति और जनकल्याण में लगा दी. देश का पहला पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज (आर्थर होप कॉलेज, अब GCT) शुरू किया. नोबेल विजेता सर सी.वी. रमन ने उन्हें "लाखों में एक महान इंसान" कहा था.  

gd naidu inventor 2000 rupee petrol car edison of india r madhavan new movie GDN untold story

नोबल प्राइज विनर सीवी रमण के साथ भारत के महान आविष्कारक जी. डी. नायडू 

4 जनवरी 1974 को यह महान विभूति हमेशा के लिए खामोश हो गई. सरकारी तंत्र से टकराव के चलते पीछे इनकम टैक्स का भारी कर्जा छूटा, जिसे उनके बेटे गोपाल ने फैक्ट्रियां बेचकर चुकाया. लेकिन जाते-जाते जी.डी. नायडू देश को यह सिखा गए कि लगन और स्वदेशी सोच हो, तो दुनिया का कोई भी मुकाम नामुमकिन नहीं है.

 

gd naidu inventor 2000 rupee petrol car edison of india r madhavan new movie GDN untold story

आर माधवन की आने वाली फिल्म जीडीएन का एक सीन

 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
GD Naidu, GD Naidu Biopic, R Madhavan Films, Real Story, Success Story
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com