- Gen Z IPS जया शर्मा की किताब का नाम विन यूपीएससी बैटल है, जिसमें यूपीएससी क्रैक की रणनीति शेयर की है.
- जया शर्मा हरियाणा के छोटे से गांव बड़वा की रहने वाली हैं. DSP से IPS बनने का सफय तय किया है.
- जया शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया लेवल पर 248वीं रैंक पाई.
भारतीय पुलिस सेवा की मशहूर जेन जी आईपीएस जया शर्मा एक बार फिर से वायरल हो रही हैं. इस बार उनकी चर्चा केवल उनके लुक या वर्दी के लिए नहीं, बल्कि उनके द्वारा लिखी गई एक बेहतरीन किताब के लिए हो रही है. आईपीएस जया शर्मा ने 'Win UPSC Battle' नाम से एक किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के दौरान छात्रों के सामने आने वाली मानसिक चुनौतियों और दबाव के बारे में खुलकर बात की है.

आईपीएस जया शर्मा कौन हैं?
जया शर्मा हरियाणा की वो होनहार बेटी है, जिसने पहले हरियाणा लोक सेवा आयोग की परीक्षा क्रैक करके हरियाणा पुलिस में डीएसपी बनीं और उसके बाद आईपीएस बनने में कामयाब हुई हैं. 2024 बैच की सबसे खूबसूरत आईपीएस अधिकारियों में से एक जया शर्मा ने ग्रेजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी के इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर विमेन से पूरा किया. आईआईटी दिल्ली से गणित विषय में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में भी उन्होंने गणित को ही अपना वैकल्पिक विषय चुना था.
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2024 बैच की आईपीएस जया शर्मा को आंध्र प्रदेश कैडर अलॉट हुआ है.
जया शर्मा की किताब 'Win UPSC Battle' क्यों है खास?
आईपीएस जया शर्मा द्वारा लिखी गई किताब विन यूपीएससी बैटल इन दिनों यूपीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है. इस किताब में उन्होंने किसी पारंपरिक विषय की पढ़ाई के बजाय उन मनोवैज्ञानिक चुनौतियों पर बात की है, जो तैयारी के दौरान हर अभ्यर्थी को झेलनी पड़ती हैं. परीक्षा के आखिरी दिनों में होने वाली घबराहट, एंग्जाइटी और मानसिक तनाव से कैसे निपटना है, इस किताब में उसके व्यावहारिक उपाय बताए गए हैं. जया शर्मा का मानना है कि यह परीक्षा केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि मन को स्थिर रखने की भी एक बड़ी लड़ाई है.

UPSC की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में AIR 248 पाकर IPS बनीं जया शर्मा का जन्म 3 अप्रैल 1997 को हुआ और 26 अगस्त 2024 को उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा ज्वाइन की.
प्रीलिम्स परीक्षा के लिए जया शर्मा की क्या थी बुकलिस्ट?
यूपीएससी प्रीलिम्स को सबसे मुश्किल स्टेज माना जाता है. जया शर्मा ने इस परीक्षा के लिए अपनी बहुत ही सीमित और मानक बुकलिस्ट शेयर की है. पॉलिटी के लिए उन्होंने एम. लक्ष्मीकांत, एनवायरनमेंट के लिए शंकर आईएएस और मॉडर्न हिस्ट्री के लिए स्पेक्ट्रम को अपना आधार बनाया. प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास के लिए उन्होंने नई वाली एनसीईआरटी पढ़ी थी. ज्योग्राफी के लिए एनसीईआरटी की किताबों के साथ जहां परेशानी आई, वहां उन्होंने पीएमएफ आईएएस का सहारा लिया. करेंट अफेयर्स के लिए उन्होंने इंटरनेट से विजन आईएएस की मासिक मैगज़ीन डाउनलोड की और उसे ही बार-बार पढ़ा.
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प्रीलिम्स क्वालिफाई करने के लिए क्या होनी चाहिए सही अप्रोच?
यूट्यूब चैनल पर UPSC TIME पर जया शर्मा का 23 सितंबर 2026 को वीडियो अपलोड हुआ हे, जिसमें वे बता रही हैं कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले लगभग 10 लाख अभ्यर्थी एक जैसी किताबें ही पढ़ते हैं, लेकिन केवल 0.002 फीसदी लोग ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं. इसकी मुख्य वजह एप्रोच यानी तैयारी का तरीका है. उन्होंने बताया कि बाजार में मौजूद रैंडम पीडीएफ और कंपाइलेशन के पीछे भागने के बजाय कंटेंट को फिल्टर करना बहुत जरूरी है. प्रीलिम्स क्लियर करने के लिए पिछले 5 साल के प्रश्नों पर खुद से गहरी रिसर्च करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. यदि आप एक-एक सवाल उठाकर उसके कॉन्सेप्ट को समझ लेते हैं, तो यह आपको असली परीक्षा में बहुत बड़ी बढ़त देता है.
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एनवायरनमेंट और मैपिंग को लेकर क्या थी उनकी रणनीति?
चूंकि इंडियन फॉरेस्ट सर्विस यानी आईएफओएस का भी कॉमन प्रीलिम्स होता है, इसलिए परीक्षा में एनवायरनमेंट सेक्शन का वेटेज काफी ज्यादा रहता है. जया शर्मा ने इसी सेक्शन पर अतिरिक्त ध्यान दिया, जिससे उनका आईएफओएस का कट-ऑफ भी आसानी से क्लियर हो गया. उन्होंने मैपिंग को अपना सबसे मजबूत पक्ष बताया. वे प्रीलिम्स से 1 महीना पहले हर रोज कम से कम 1 से 1.5 घंटा मैपिंग को देती थीं. भारत और दुनिया के नक्शे में नदियां, पहाड़, नेशनल पार्क और वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी उन्हें उंगलियों पर याद थे. उन्होंने इसके लिए पिछले 1 साल के खबरों में रहे स्थानों पर फोकस किया.

सीसैट को लेकर आईपीएस जया शर्मा ने क्या चेतावनी दी है?
आईआईटी दिल्ली से गणित में मास्टर्स होने के कारण जया शर्मा को सीसैट के लिए बहुत ज्यादा तैयारी नहीं करनी पड़ी. लेकिन वे नए अभ्यर्थियों को सीसैट को हल्के में न लेने की सख्त चेतावनी देती हैं. उनका कहना है कि आजकल सीसैट का कठिनाई स्तर बहुत बढ़ गया है, जिससे गणित बैकग्राउंड वाले छात्र भी बाहर हो रहे हैं. सीसैट के लिए पिछले 5 साल के पेपर्स देखकर क्लॉक, वर्क एंड टाइम, क्यूब्स, सीरीज़ और डाइस जैसे बार-बार पूछे जाने वाले विषयों की ट्रिक्स सीखनी चाहिए. इन ट्रिक्स के खुद के शॉर्ट नोट्स बनाकर टेस्ट पेपर्स से इनकी प्रैक्टिस करना बहुत जरूरी है.
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मेन्स परीक्षा में एथिक्स के लिए उन्होंने कैसे बनाए नोट्स?
जया शर्मा ने मेन्स परीक्षा में जीएस-4 यानी एथिक्स और जीएस-3 पर विशेष ध्यान दिया था. एथिक्स में उन्होंने 125 अंक हासिल किए थे. इसके लिए उन्होंने बिना कोई किताब पढ़े केवल इंटरनेट और गूगल की मदद ली थी. उन्होंने सिलेबस के हर एक टॉपिक (जैसे इंटीग्रिटी) को उठाकर उसकी एक सटीक परिभाषा लिखी, पिछले वर्षों के पेपर्स के आधार पर 4-5 उदाहरण तैयार किए और एक निष्कर्ष पहले से ही लिखकर रख लिया. परीक्षा हॉल में जाने से पहले उनके पास हर टॉपिक का एक तय फॉर्मेट तैयार था, जिससे वे तेजी से और प्रभावशाली उत्तर लिख पाईं.
जीएस-3 और जीएस-2 के लिए क्या थी उनकी सीक्रेट स्ट्रेटेजी?
जीएस-3 में अच्छे अंक लाने के लिए जया शर्मा ने डेटा और रिपोर्ट्स का भरपूर इस्तेमाल किया. वे पूरी तैयारी के दौरान जहां भी कोई अहम डेटा देखतीं, उसे इकोनॉमी, साइंस-टेक, एनवायरनमेंट और सिक्योरिटी के हिसाब से अलग नोट कर लेती थीं. उत्तर लिखते समय उनके पास वैलिडेशन के लिए कम से कम 2-3 डेटा सेट्स होते थे. वहीं जीएस-2 में इंटरनेशनल रिलेशंस यानी आईआर को उन्होंने पूरी तरह करेंट अफेयर्स से कवर किया. उन्होंने भारत के दूसरे देशों के साथ सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, रक्षा और वैज्ञानिक संबंधों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर नोट्स बनाए थे और उत्तरों में वर्ल्ड मैप तथा मुख्य संधियों को कोट किया था.
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