झारखंड की कोयला राजधानी धनबाद के कोयला खदान क्षेत्र झरिया में गलत तरीके से हुई खनन और पुरानी खदानों के धंसाव के कारण जमीन एक बार फिर फट गई. धर्मनगर क्षेत्र में धनबाद-सिंदरी मुख्य मार्ग के पास चौथाई कुली में जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ जमीन दरक गई, जिससे एक दर्जन से अधिक घरों में गहरी दरारें पड़ गईं. कई मकान दो टुकड़ों में बंट चुके हैं, जबकि कुछ के पूरी तरह ढहने का खतरा मंडरा रहा है. भयभीत ग्रामीण घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर भाग रहे हैं.
हाल ही में बाघमारा क्षेत्र में इसी तरह की घटना में तीन लोगों की मौत हो चुकी है. अब झरिया कोयला क्षेत्र के धर्मनगर में स्थिति और गंभीर हो गई है. स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले 100 वर्षों से यहां कोयला खदानें संचालित थीं और असंवैधानिक खनन के कारण जमीन लगातार धंस रही है. घटना की सूचना मिलते ही इलाके में भय फैल गई- लोग चीखते-चिल्लाते घरों से बाहर निकले.
घटना कब कहां और कैसे हुई
झरिया के धर्मनगर, चौथाई कुली (धनबाद-सिंदरी मुख्य मार्ग के पास), 8 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे जोरदार आवाज के साथ जमीन फटी, इसके साथ जमीन और दीवारों में दरार तेजी से फैल गई. इस घटना में करीब 15 घरों में दरारे आई है. जबकि 6 घर दो टुकड़ों में बंट गए. जमीन में 10-15 फीट गहरी दरारें आ गई. हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है लेकिन 50 से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं.

इस घटना का मुख्य कारण कोयला खदान है जो BCCL संचालित करती है. जबकि अवैध तरीके से खनन भी यह स्थिति पैदा कर रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, बालू भराई ना होना,पानी का रिसाव और धरती के नीचे बढ़ती आग और गैस रिसाव की घटनाएं स्थिति बिगाड़ रही हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि 50 साल से यहां रहते हैं, खदान बंद होने के बाद भी धंसाव जारी है, लेकिन प्रशासन सोया हुआ है. यहां न अधिकारी आए और न ही राहत दी गई. अब तो डर है कि पूरा इलाका ही जमींदोज हो सकता है.
प्रशासन की लापरवाही पर गुस्सा
निवासियों ने जिला प्रशासन और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) पर लापरवाही का आरोप लगाया है. अब तक कोई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा. हालांकि, पुलिस और एसडीएम की टीम ने मौके का मुआयना किया और प्रभावितों को अस्थायी आश्रय का वादा किया है. धनबाद डिप्टी कमिश्नर आदित्य रंजन ने बताया, टीम मौके पर है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है. जमीन धंसाव का सर्वेक्षण कराया जाएगा.
विशेषज्ञों ने चेतावनी दे रहे हैं कि झरिया-धर्मनगर क्षेत्र में अगले कुछ दिनों में और धंसाव संभव है. यह घटना धनबाद के कोयला क्षेत्र की लंबे समय की समस्या को उजागर करती है, जहां हजारों लोग खदानों के जख्म झेल रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकार को तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है.
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