
- झारखंड की सीबीआई विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री अनोश एक्का समेत दस लोगों को जमीन घोटाले में दोषी ठहराया है.
- यह मामला सीएनटी एक्ट के उल्लंघन से जुड़ा है जिसमें आदिवासी जमीन गैर-आदिवासियों को बेची गई थी.
- अनोश एक्का ने 2006 से 2008 के बीच अपनी पत्नी के नाम पर करीब एक करोड़ 18 लाख रुपए की जमीन खरीदी थी.
झारखंड के पूर्व मंत्री अनोश एक्का सहित 10 लोगों को रांची की सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को जमीन घोटाले के मामले में दोषी करार दिया है. यह मामला सीएनटी एक्ट के उल्लंघन से जुड़ा है. अदालत ने जिन 10 लोगों को दोषी ठहराया है उनमें अनोश एक्का की पत्नी मेनन एक्का भी शामिल हैं. अन्य लोगों में कार्तिक प्रभात, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, बृजेश मिश्रा, अनिल कुमार, मणिलाल महतो, ब्रजेश महतो और परशुराम कारकेट्टा शामिल हैं. सीबीआई ने यह केस 2010 में झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया था.
इस मामले में आरोप था कि अनोश एक्का और उस समय के मंत्री हरी नारायण राय सहित कई कई लोगों ने बेहिसाब संपत्ति बनाई और आदिवासियों की जमीन को फर्जी पते और मिलीभगत से खरीदा और बेचा.
पत्नी के नाम पर खरीदी थी जमीन
जांच में सामने आया कि अनोश एक्का ने 2006 से 2008 के बीच रांची जिले में अपनी पत्नी मेनन एक्का के नाम पर करीब 1 करोड़ 18 लाख रुपये खर्च कर बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी. यह सारी जमीन अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों से खरीदी गई थी, जबकि सीएनटी एक्ट के तहत ट्राइबल जमीन को गैर-आदिवासी को बेचना मना है.
अधिकारियों पर साजिश में साथ देने का आरोप
आरोप है कि उस समय के लैंड रिफॉर्म्स डिप्टी कलेक्टर (LRDC), उनके स्टाफ और सर्कल ऑफिसरों ने पूरी साजिश में साथ दिया और रिपोर्ट फर्जी बनाकर जमीन ट्रांसफर की मंजूरी दिलाई.
कल किया जाएगा सजा का ऐलान
सीबीआई ने इस मामले में 2012 में चार्जशीट दायर की थी. अब अदालत ने 10 लोगों को दोषी करार दिया है. सजा का ऐलान 30 अगस्त 2025 को अगली सुनवाई में किया जाएगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं