- सरकार ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए जारी की है एडवाइजरी
- यात्रियों और पर्यटकों को जल्द से जल्द घाटी छोड़ने को कहा है
- उमर अबदुल्ला ने कहा, इससे घाटी में व्याप्त डर कम नहीं होगा
जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को घाटी में आतंकी हमले के इनपुट के मद्देनजर वापस लौटने की सलाह दी है. सरकार ने एक पत्र जारी कर पर्यटकों व अमरनाथ यात्रियों को घाटी में रहने की अवधि में कटौती करने का आदेश दिया है. सरकार ने यात्रियों व पर्यटकों को जल्द से जल्द घाटी से लौटने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. इस बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि, 'इस अप्रत्याशित आदेश से अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों पर गंभीर आतंकी हमले की वास्तविक आशंका प्रतीत हो रही है, लेकिन इस आदेश से घाटी में फिलहाल व्याप्त भय के माहौल से निजात नहीं मिलने वाली है'.
Although this unprecedented order would seem to suggest a genuine fear of a massive terror strike directed at Amarnath ji yatris or/and tourists this will do nothing to dampen the sense of fear & foreboding that prevails in the valley at the moment. https://t.co/qF99X0nAx6
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) August 2, 2019
एक और ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, 'आपको क्या लगता है कि आधिकारिक आदेश देखने के बाद पर्यटक जितनी जल्दी हो सके घाटी से नहीं निकल जाना चाहेंगे? इस आदेश को देखने के बाद यहां कौन रुकना चाहेगा. यहां से जाने वाले लोगों की वजह से एयरपोर्ट और हाइवे जाम हो जाएंगे.'
Seriously? You think an official order telling tourists to leave immediately will not cause them to run from the valley as fast as they can? Which tourist will hang around after seeing this order. The airport & highway will be choked with people leaving. https://t.co/wzVllSqVpk
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) August 2, 2019
दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर सरकार के ताजा आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर पिपुल्स मूवमेंट के अध्यक्ष शाह फैजल ने ट्वीट कर कहा, ' जम्मू-कश्मीर सरकार ने पर्यटकों और अमरनाथ यात्रियों को घाटी में आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए वापस लौटने की सलाह दी है. क्या सरकार घाटी में रह रहे लोगों के लिए भी इस तरह की कोई एडवाइजरी जारी करने पर विचार कर रही है?' शाह फैजल ने आगे लिखा, 'क्या कश्मीर के लोगों को भी कहीं दूसरी जगह चले जाना चाहिए या फिर हमारी जान की कोई कीमत नहीं है?.
JK Govt has asked Tourists and Amarnath Yatris to leave Kashmir immediately in view of a security threat.
— Shah Faesal (@shahfaesal) August 2, 2019
Is the Government considering any such advisory for locals also?
Should Kashmiris also migrate to other places or is it that our lives do not matter? pic.twitter.com/Tb5SHxK4o5
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर सरकार की एडवाइजरी के बीच बीच सेना ने शुक्रवार को कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थिति नियंत्रण में है और काफी हद तक शांतिपूर्ण है. सेना ने कहा कि वह पाकिस्तान को कश्मीर में शांति भंग करने नहीं देगी. सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने श्रीनगर में सुरक्षा बलों के एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि घाटी में आईईडी विस्फोटकों का खतरा ज्यादा है, लेकिन नियमित रूप से तलाशी अभियान चलाकर सुरक्षा बल इससे प्रभावी ढंग से निपट रहे है.
VIDEO: जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त सेना की तैनाती से नाखुश राज्य के नेता
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