
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
विशाखापत्तनम के अपने नए होम ग्राउंड में पुणे के सुपरजायंट्स की टक्कर इस सीजन की मजबूत टीमों में शुमार सनराइज़र्स हैदराबाद से है। पुणे जहां अपने 7 मैच हारकर प्लेऑफ की दौड़ से करीब करीब बाहर है तो वहीं सनराइज़र्स 9 में से अपने 6 मैच जीत चुके हैं और बेहद मजबूत प्रदर्शन कर रहे हैं।
होम ग्राउंड पुणे का है, लेकिन मेजबान टीम इस सीज़न में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी है। गेंदबाजी टीम की कमजोर कड़ी साबित हुई है और बड़े स्कोर को बचा नहीं सकी है। कप्तान धोनी पहले ही विकल्पों की कमी की बात बयां कर चुके हैं। अच्छी बात यह है कि पिछले मुकाबले में पुणे ने सनराइज़र्स को हराया था, लेकिन तब से अब तक में दोनो टीमों में बड़ा बदलाव हुआ है।
पुणे की ताकत
धोनी की टीम के लिए सबसे बडा प्लस अजिंक्य रहाणे हैं जो 417 रन बना चुके हैं। वहीं ख्वाजा और बेली की मौजूदगी ने टीम को बैलेंस दिया है।
पुणे की कमजोरी
सबसे बड़ी चिंता है आर अश्विन जिनके नाम 10 मैचों के बाद 3 विकेट हैं। डिंडा और मुरुगन अश्विन के नाम 7-7 विकेट हैं तो इकॉनामी करीब साढ़े 8 की है। साफ है कि धोनी का प्लान इस बार भी अपने बल्लेबाजों पर ही निर्भर करेगा। बड़ा स्कोर बनाओ, या फिर लक्ष्य का पीछा करो।
इससे उलट हैदराबाद का गेंदबाजी आक्रमण टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ दिखता है।
हैदराबाद की ताकत गेंदबाज
मुस्तफ़िज़ुर के साथ आशीष नेहरा और भुवनेश्वर जैसे गेंदबाज हैं। मुस्तफिज़ुर और भुवनेश्वर के नाम 13-13 विकेट हैं तो नेहरा के नाम 5 मैच में 5 विकेट हैं। पिछले मैच में वे मैन ऑफ द मैच बने और 3 ओवर में 15 रन देकर 3 टॉप विकेट लिए।
बल्लेबाजी भी हैदराबाद की ताकत
बल्लेबाजी में युवराज के साथ वॉर्नर-शिखर धवन की सलामी जोड़ी है। युवराज पिछले मैच में 23 गेंद में 39 रन के दौरान पुराने युवराज दिखे तो वॉर्नर के नाम 458 रन हैं और धवन 310 रन बना चुके हैं।
उक्त खिलाड़ियों के आंकड़े टूर्नामेंट में शानदार हैं जिसके चलते यह टीम 9 में से अपने 6 मैच जीती है। साफ है हैदराबाद की टीम पुणे से पिछली हार का बदला लेकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करने के और करीब पहुंचना चाहेगी।
होम ग्राउंड पुणे का है, लेकिन मेजबान टीम इस सीज़न में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी है। गेंदबाजी टीम की कमजोर कड़ी साबित हुई है और बड़े स्कोर को बचा नहीं सकी है। कप्तान धोनी पहले ही विकल्पों की कमी की बात बयां कर चुके हैं। अच्छी बात यह है कि पिछले मुकाबले में पुणे ने सनराइज़र्स को हराया था, लेकिन तब से अब तक में दोनो टीमों में बड़ा बदलाव हुआ है।
पुणे की ताकत
धोनी की टीम के लिए सबसे बडा प्लस अजिंक्य रहाणे हैं जो 417 रन बना चुके हैं। वहीं ख्वाजा और बेली की मौजूदगी ने टीम को बैलेंस दिया है।
पुणे की कमजोरी
सबसे बड़ी चिंता है आर अश्विन जिनके नाम 10 मैचों के बाद 3 विकेट हैं। डिंडा और मुरुगन अश्विन के नाम 7-7 विकेट हैं तो इकॉनामी करीब साढ़े 8 की है। साफ है कि धोनी का प्लान इस बार भी अपने बल्लेबाजों पर ही निर्भर करेगा। बड़ा स्कोर बनाओ, या फिर लक्ष्य का पीछा करो।
इससे उलट हैदराबाद का गेंदबाजी आक्रमण टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ दिखता है।
हैदराबाद की ताकत गेंदबाज
मुस्तफ़िज़ुर के साथ आशीष नेहरा और भुवनेश्वर जैसे गेंदबाज हैं। मुस्तफिज़ुर और भुवनेश्वर के नाम 13-13 विकेट हैं तो नेहरा के नाम 5 मैच में 5 विकेट हैं। पिछले मैच में वे मैन ऑफ द मैच बने और 3 ओवर में 15 रन देकर 3 टॉप विकेट लिए।
बल्लेबाजी भी हैदराबाद की ताकत
बल्लेबाजी में युवराज के साथ वॉर्नर-शिखर धवन की सलामी जोड़ी है। युवराज पिछले मैच में 23 गेंद में 39 रन के दौरान पुराने युवराज दिखे तो वॉर्नर के नाम 458 रन हैं और धवन 310 रन बना चुके हैं।
उक्त खिलाड़ियों के आंकड़े टूर्नामेंट में शानदार हैं जिसके चलते यह टीम 9 में से अपने 6 मैच जीती है। साफ है हैदराबाद की टीम पुणे से पिछली हार का बदला लेकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करने के और करीब पहुंचना चाहेगी।
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