उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री संजय निषाद ने नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात की है. उन्होंने पांडेय के निजी आवास पर जाकर सोमवार को मीटिंग की. इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं. यह मीटिंग ऐसे समय में हुई है, जब यूपी में अगले कुछ महीनों में ही चुनाव होने वाले हैं.
इसके अलावा निषाद समाज के लिए एससी कोटे में अलग आरक्षण की मांग को लेकर भी संजय निषाद मुखर रहे हैं. यही नहीं पिछले दिनों गोंडा में निषाद समाज के एक व्यक्ति की हत्या के मामले में भी वह आंदोलन कर रहे थे. उन्होंने खुद धरना दिया था और भाजपा को हार तक की चेतावनी दे चुके हैं.
पिछले कुछ दिनों से बागी तेवर दिखाते रहे संजय निषाद की विपक्षी नेता से मुलाकात के मायने निकाले जा रहे हैं. गोंड़ा में निषाद समुदाय के शख्स की हत्या के बाद संजय निषाद के बयान चर्चा में है.
संजय निषाद ने सरकार में रहते हुए कहा कि उनकी मांग है कि निषाद समुदाय को 9 फीसदी का आरक्षण दिया जाए. इसके साथ ही उन्होंने ऐसा न किए जाने की स्थिति में मंत्री पद इस्तीफा देने की बात भी कही है. उन्होंने कहा था कि वह भाजपा के साथ इस मांग के साथ ही आए थे.
आरक्षण पर आए थे भाजपा के साथ, अब तक लागू नहीं किया; संजय निषाद ने यूपी चुनाव से पहले दिखाए तेवर
मांग के पीछे तर्क क्या है?
संजय निषाद और उनकी पार्टी की प्रमुख मांग है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में से 9 प्रतिशत कोटा हटाकर उसे अनुसूचित जाति (SC) के कोटे में जोड़ दिया जाए. उनका तर्क है कि वर्तमान में OBC आरक्षण (27%) का एक बड़ा हिस्सा कुछ मजबूत या प्रभावशाली पिछड़ी जातियां ले जाती हैं. इसके कारण निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद और मांझी जैसी अत्यंत पिछड़ी नदियों किनारे बसने वाली जातियों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है.
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